धौलपुर

फर्जी रजिस्ट्रेशन से ई-वे बिल बना वाहनों को कर रहे पार

पुलिस ने गैंगसा के फर्जी रजिस्ट्रेशन से ई-वे बिल जनरेट कर खनिज को राज्य से बाहर भेजने का बड़ा मामला पकड़ा है। वाहन चालक के पास से मिले ई-वे बिल की पड़ताल करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने फर्जीवाड़े में तीन वाहनों को जब्त करते हुए खनिज विभाग के सुपुर्द किया है। माफिया अवैध खनिज को फर्जी ई-वें बिल के माध्यम से प्रदेश से बाहर भेजने की फिराक में थे।

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तीन वाहनों को पुलिस ने पकड़ा, किया खनन विभाग के सुपुर्द-खनिज विभाग ने पौने चार लाख वसूला जुर्माना

बेखौफ खनन माफिया, सरकार को राजस्व की लगा रहे चपत

dholpur. पुलिस ने गैंगसा के फर्जी रजिस्ट्रेशन से ई-वे बिल जनरेट कर खनिज को राज्य से बाहर भेजने का बड़ा मामला पकड़ा है। वाहन चालक के पास से मिले ई-वे बिल की पड़ताल करने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने फर्जीवाड़े में तीन वाहनों को जब्त करते हुए खनिज विभाग के सुपुर्द किया है। माफिया अवैध खनिज को फर्जी ई-वें बिल के माध्यम से प्रदेश से बाहर भेजने की फिराक में थे।

अवैध खनन व परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धौलपुर में चोरी छिपे अवैध खनन व परिवहन करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए डीएसटी प्रभारी एएसआई प्रेमसिंह चौधरी के नेतृत्व में पुलिस राष्ट्रीय राजमार्ग 11 बी पर सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। डीएसटी टीम ने हाइवे पर खनन सामग्री से भरे वाहनों के रवन्ने, ई-वें बिल व कांटा पर्ची चेक की गई। इस दौरान खनिज से भरे ट्रक चालक के पास सरमथुरा की गैंगसा मशीन का ई-वें बिल था। डीएसटी इंचार्ज ने मुखबिर तंत्र का सहयोग लेकर उक्त फर्म के बिल की पड़ताल की तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस ने शक होने पर ई-वें बिल की मौके पर जांच की तो मैसर्स वैष्णो देवी स्टोन गैंगसा इंड्रस्ट्रीज बाड़ी रोड़ सरमथुरा कई महीनों पहले बंद हो चुकी थी।फिलहाल में इस नाम की कोई गैंगसा मशीन संचालित नही थी। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग के सुपुर्द कर दिया। खनिज विभाग ने दो वाहनों से पौने चार लाख का जुर्माना वसूला है। हालांकि पुलिस ने खनिज माफियाओं के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज नही किया है। जिसके कारण माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

-सरकार को राजस्व का उठाना पड़ रहा है नुकसान

जिले में खनन माफिया भारी मात्र में खनिज को फर्जी रवन्ना एवं ई-वे बिल के सहारे प्रदेश के बाहर भेजकर लाखों रुपए कमा रहे हैं, वहीं उनकी इस गतिविधि से प्रदेश को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। कई वाहन चालकों के पास ई-वें बिल होने के कारण इनकी आवश्यक जांच करना खनिज विभाग के अलावा किसी अन्य विभाग के लिए संभव नहीं है। खनन माफिया इस ई-वे बिल व्यवस्था का लाभ उठाते हुए ट्रकों को फर्जी बिल थमाए जा रहे हैं, जिनके आधार पर वे प्रदेश से बाहर खनिज की सप्लाई कर रहे हैं।

-सरमथुरा में दो माह से खनन बंद

जिले में सरमथुरा को सैण्डस्टोन का हब कहा जाता है, जबकि दो माह से शासन की सख्ती के कारण खनन पूरी तरह बंद पड़ा है। वहीं सरकार ने रॉयल्टी की कीमत बढ़ाने से पत्थर व्यवसाय पर असर पड़ा है। प्रदेश के अन्य खनिजों की तुलना में सैण्डस्टोन मध्यम दर्जे का पत्थर है जिस पर सरकार कोटा स्टोन के बराबर रॉयल्टी वसूल कर रही है। स्थानीय खनिज की कीमतों में इजाफा हो गया है, इसलिए डिमांड घटने के साथ बिक्री प्रभावित हो रही है।

खनिज विभाग ने अवैध रूप से खनिज का परिवहन करते हुए दो वाहनों से पौने चार लाख का जुर्माना वसूला है, उक्त गैंगसा के बिलों की आज जांच की जाएगी, फर्जीवाड़ा मिलने पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

- मनमोहन मीणा फोरमैन खनिज विभाग धौलपुर

Updated on:
18 Aug 2025 06:48 pm
Published on:
18 Aug 2025 06:47 pm
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