
गांव-गांव में कमेटी गठित करने का निर्णय
dholpur, सरमथुरा. धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व सेंचुरी के खिलाफ गांव-गांव में विरोध के स्वर गूंजने लग गए हैं। विस्थापन के खिलाफ गांव बचाओ आन्दोलन समिति की महापंचायत महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित हुई। गांव बचाओ आंदोलन समिति महापंचायत की अध्यक्षता धुंधीराम गुर्जर ने की। मुख्य वक्ता भरतपुर के पूर्व सांसद पंडित रामकिशन थे ।
महापंचायत को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद पं रामकिशन और गांव बचाओ आंदोलन समिति के संयोजक मोहन सिंह गुर्जर ने कहा कि सरकारें बंद कमरों में एसी में बैठकर गांवों का फैसला कर रही है, जबकि गांव में विरासत के मालिकों से पूछा भी नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गांवों को उजाडऩे का फैसला कर लिया है और ग्राम सभा से कोई प्रस्ताव पारित नहीं होने के बावजूद बफर जोन घोषित कर दिया गया। जो ग्रामीणों के साथ सरासर अन्याय है, जबकि सरकार ने फैसले में ग्राम सभा से प्रस्ताव पास होने का हवाला दिया हुआ है। महापंचायत को बसेड़ी विधायक और राजस्थान किसान मजदूर नौजवान सभा के संयोजक वीरेंद्र मोर ने संबोधित करते हुए आंदोलन को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को गांव के अंतिम घर तक पहुंचाने के साथ-साथ गांव-गांव में गांव बचाओ आंदोलन की कमेटी का गठन करने का सुझाव दिया गया।
महापंचायत में संगठन को मजबूत करने सहित गांव-गांव कमेटी गठित करने सहित जिला मुख्यालय और प्रदेश स्तर पर मजबूती से विरोध दर्ज कराने का निर्णय किया गया। आंदोलनकारी ग्रामीणों ने एक स्वर में सरकार के फैसले का विरोध करते हुए ग्राम सभा के झूठे प्रस्तावों की जांच कराने सहित फैसले पर पुर्नविचार कर सेंचुरी के फैसले को रद्द करने व किसानों को जमीनों के पट्टे जारी कर खातेदारी हक देने की मांग की है। इस मौके पर अचल सिंह गुर्जर, संजय अग्रवाल, जेपी रावत, रामेश्वर दयाल, शेरा गुर्जर, चरत कंचनपुरा, बचनसिंह सरपंच, रामलखन सरपंच, प्रधान प्रतिनिधि सुआलाल जाटव आदि मौजूद थे।
Updated on:
16 Oct 2025 06:39 pm
Published on:
16 Oct 2025 06:39 pm
