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विद्यालय के माहौल से ग्रामीण नाखुश, बोले- पढ़ाई कम, आपसी विवाद अधिक

धौलपुर पंचायत समिति अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भागीरथपुरा में शैक्षणिक कार्य से नाखुश और स्टाफ की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। गुस्साएं ग्रामीण शनिवार को विद्यालय पहुंच गए और शुक्रवार को हुए एक घटनाक्रम को लेकर खासी नाराजगी व्यक्त की।

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विद्यालय के माहौल से ग्रामीण नाखुश, बोले- पढ़ाई कम, आपसी विवाद अधिक Villagers unhappy with the school environment, said- less studies, more mutual disputes

- ग्रामीणों ने एक दिन पूर्व हुए विवाद और अव्यवस्थाओं को लेकर गेट बंद कर जताई नाराजगी

- राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भागीरथपुरा का मामला

धौलपुर. धौलपुर पंचायत समिति अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भागीरथपुरा में शैक्षणिक कार्य से नाखुश और स्टाफ की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। गुस्साएं ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए और शुक्रवार को हुए एक घटनाक्रम को लेकर खासी नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने अव्यवस्था को लेकर प्रदर्शन किया और कुछ देर के लिए विद्यालय गेट बंद कर दिए। हालांकि, मौके पर पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि ने समझाइश कर मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही। जिस पर मामला शांत हुआ। ग्रामीणों का आरोप था विद्यालय का माहौल दिनोंदिन बिगड़ रहा और नामांकन भी घट रहा है। ग्रामीणों के कई बच्चे निजी विद्यालयों की शरण ले रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले में जिला कलक्टर से शिकायत करने की बात कही। विद्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 123 स्थित भागीरथपुरा में है। यह हाइवे से लगा हुआ विद्यालय है।

ग्रामीणों का आरोप, होता रहता है विवाद

विद्यालय में मौजूद ग्रामीण राहुल गौड, गोविंद, सुखवीर, राहुल और रघुवीर दयाल इत्यादि ने बताया कि विद्यालय का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। विद्यालय में शिक्षण कार्य कम आपसी विवाद अधिक उपज रहे हैं। कहा कि शुक्रवार को भी दो शिक्षकों में विवाद हो गया। मामला बढऩे पर एक परिजन विद्यालय पहुंच गए। काफी देर दोनों पक्षों में चली वार्ता के बाद मामला शांत हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि इस की घटनाएं बीच-बीच में होती रहती हैं। शिकायत करने की बात कहते हैं तो स्टाफ सुधार करने की कहकर मामला शांत करा देता है। लेकिन, आपसी विवादों से विद्यार्थियों पर अच्छा असर नहीं जा रहा है। बच्चे घर आकर सारी बात बताते हैं।

नामांकन भी घट रहा, निजी में जा रहे बच्चे

ग्रामीणों का कहना था कि शिक्षण कार्य प्रभावित होने से कई ग्रामीण अपने बच्चों को निजी विद्यालय में पढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि प्रबंधन सही नहीं होने से विद्यालय का नामांकन घट रहा है। बच्चे कक्षाओं से बाहर घूमते हुए नजर आ जाएंगे। शिक्षक ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि कुछ शिक्षक केवल मोबाइल पर ही लगे रहते हैं। शनिवार को ग्रामीणों की नाराजगी के चलते कार्यवाहक प्रधानाचार्य कार से बाहर चले गए। वहीं, शिक्षक भी इधर-उधर हो गए।

- आपसी विवाद जैसा कोई मामला नहीं है। वार्ता कर मामला शांत हो गया। विद्यालय में कोई मामला नहीं है।

- ओमपाल सिंह, प्रधानाचार्य, राउमावि भागीरथपुरा