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जलभराव किसानों को भी दे रहा दर्द, पानी में डूबने से बाजरे की फसल नस्ट

- राजाखेड़ा बाइपास से जाटौली तक के खेतों में गंदा पानी घुसने से हुआ नुकसान - ओवरफ्लो पानी खलतियों में भरा पड़ा, सफाई नहीं होने अब पीछे लौट रहा पानी - नगर परिषद प्रशासन ने खलतियों के जलभराव से किया किनारा    

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Waterlogging is giving pain to farmers too, millet crop destroyed due to drowning in water

जलभराव किसानों को भी दे रहा दर्द, पानी में डूबने से बाजरे की फसल नस्ट

धौलपुर. शहरी क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव अब आमजन के बाद धरतीपुत्र को भी रुला रहा है। यहां राजाखेड़ा बाइपास से लेकर जाटौली गांव के आसपास के सैकड़ों बीघा भूमि में गंदा पानी जा घुसा। कई दिनों तक पानी से खेतों में जमा रहने से यहां खेतों में किसानों ने मेहनत कर उगाई बाजरे की फसल पूरी तरह गल चुकी है। हाल ये है कि अनाज तो दूर किसानों को पशुओं के लिए चारा तक नसीब नहीं हो पा रहा है। उधर, शहर में रेलवे लाइन और भारती टॉकीज की तरफ खलतियां में जलभराव लगातार बना हुआ है।

हालत ये है कि जलभराव का पानी अब आगे नहीं बढ़ कर पुन: वापस नालों के जरिए लौट रहा है। यानी पानी बैक मार रहा है। इसकी वजह अग्रवाल धर्मशाला के पीछे और गडरपुरा की तरफ से बाग भवा साहब के वाडे में पीछे की तरफ होकर निकल रहे नालों की सफाई नहीं होने और खलतियों में जमी सिल्ट की वजह से पानी ने आगे बढऩा छोड़ दिया। अगर जाते हुए मानसून में एक-दो बारिश हो गई तो ये शहर के हालात और बिगाड़ सकता है।

उधर, शहर की कॉलोनियों में हो रहे जलभराव की स्थिति को लेकर एसडीएम धौलपुर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नगर परिषद की मदद से कुछ स्थानों पर पानी निकालने के लिए रास्तों को काटा है जिससे पानी आगे निकल सके। हालांकि, दूसरी कॉलोनियों में पानी भरने से लोग नाराज है। बुधवार रात जगदम्बा कॉलोनी के रहवासियों ने रात में जिला कलक्ट्रेट कार्यालय पहुंच जमकर हंगामा किया। हालांकि, बाद में नगर परिषद आयुक्त किंगपाल सिंह ने मौके पर पहुंच समझाइश कर मामला शांत कराया।

नालों में भारी सिल्ट, 68 लाख का ठेका भी नहीं आया काम

शहर के ज्यादातर नाले गंदगी से लदे पड़े हैं। नगर परिषद ने मानसून शुरू होने से कुछ दिन ही करीब 68 लाख रुपए नाला सफाई का ठेका दिया। लापरवाही और सुस्त कार्य के चलते शहर के आधे भी नालों में सफाई नहीं हो पाई। जहां सफाई हुई उसकी गंदगी का उठाव में भी लापरवाही बरती है। गत दिनों जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने मामले में नगर परिषद अधिकारियों को बुलाकर नाला ठेका कार्य की समीक्षा की, जिसमें नगर परिषद अधिकारियों की लापरवाही सामने आई। परिषद के एक बाबू की कार्यप्रणाली को लेकर जिला कलक्टर ने सख्त टिप्पणी करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कामकाज में खास सुधार नहीं आया। फर्म के खिलाफ अभी तक नगर परिषद प्रशासन ने कोई ठोस एक्शन नहीं लिया है। जबकि मानसून विदाई ले रहा है और नालों में गंदगी बरकरार है।

ट्रीटमेंट प्लांट नहीं फेंक पा रहा पानी

उधर, स्टेशन के पीछे गांव तगावली स्थित ट्रीटमेंट प्लांट भी हांफ चुका है, वह अब गंदे पानी को आगे नहीं फेंक पा रहा है। जिससे यहां भी ओवरफ्लो की स्थिति बन गई है। उधर, नगर परिषद प्रशासन का ट्रीटमेंट प्लांट पर ध्यान नहीं देने से स्थिति दिनोंदिन बिगड़ रही है। प्लांट में नवीनीकरण के चलते कार्य चल रहा है जिससे यहां जलभराव बना हुआ है।

रेलवे पुलिया मिट्टी से बंद, आगे नहीं बढ़ रहा पानी

नवीन रेलवे लाइन और विस्तारीकरण के तहत कॉलेज फाटक गेट से राजाखेड़ा बाइपास की तरफ बीच में एक रेलवे पुलिया है। पहले ये बड़ी थी लेकिन अब रेलवे ने इसे सकरा कर दिया। यहां पुलिया के मुहाने पर मिट्टी और झाडिय़ों उगने से खलतियों का पानी आगे पुलिया तक नहीं पहुंच पा रहा है। रेलवे ठेकेदार ने मिट्टी को हटाया और न ही नगर परिषद प्रशासन ने इसका जायजा लिया। वहीं, जिला प्रशासन के आला अधिकारी शहरभर में घूम रहे हैं लेकिन खलतियों में हो रहे जलभराव को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

जरा सी बारिश और हुई तो शहर डूबने तय?

शहर के नालों की सफाई नहीं होने और ड्रेनेज सिस्टम की हालत खराब होने के चलते पहले ही शहरवासी जलभराव से परेशान हैं। इस बीच अगर एक-दो दिन जरा भी बारिश हुई तो शहर के डूबने की स्थिति पैदा हो सकती है। जिन कॉलोनियों से पानी निकला है, उन्हें फिर से मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून विदाई ले रहा है लेकिन पूर्वी राजस्थान से मानसून अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से रवानगी लेगा। यानी अभी शेष बचे दिन खतरे से खाली नहीं हैं।

- शहर में कई कॉलोनियों में से पानी का निकलवाया जा रहा है। परिषद प्रशासन के जरिए बंद पड़े कुछ नालों को खुलवाया है। कई कॉलोनियों में हुए जलभराव के लिए कुछ स्थानों पर जेसीबी की मदद से पानी को निकलवाया जा रहा है। जलभराव की समस्या चिंता का विषय है, इसको लेकर लगातार निगरानी हो रही है।

- मनीष कुमार, एसडीएम धौलपुर

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टॉक....फोटो के साथ

- खेतों में पानी घुसने से बाजरे की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। चारा तक नहीं बचा है। प्रशासन को अवगत कराया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया।

- शिवकांत शर्मा, किसान

- खलतियों की तरफ से पानी यहां खेतों में पहुंच गया। पानी की निकासी नहीं होने से यहां जलभराव से फसल खराब हो गई। अगर ये ही स्थिति रही तो आगे फसल करना मुश्किल हो जाएगा।

- राजीव कुमार, किसान