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खानपान व जीवनशैली बदलकर बच सकते हैं बीमारियों से

जब तक कोई बीमारी नहीं होती तब तक बचाव के लिए कदम उठाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में लोग खुद को पूरी तरह फिट मानते हैं, जबकि लंबे समय तक खराब जीवनशैली, पोषकतत्वों की कमी से बीमारी अंदर पनप रही होती है। बेहतर है शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें। उम्र के हिसाब से जरूरी जांचों के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें।

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खानपान व जीवनशैली बदलकर बच सकते हैं बीमारियों से

समय से कदम उठाने से बचा जा सकता है। यदि हो जाती है तो दुष्प्रभाव कम किए जा सकते हैं। कैंसर, हृदय रोग के लक्षण अक्सर शुरुआती चरण में नहीं दिखते हैं। यदि फैमिली हिस्ट्री है तो जीवनशैली में बदलाव कर, संतुलित खानपान और योग-ध्यान व व्यायाम के जरिए बचाव संभव है।

जंकफूड, नमक, चीनी और मैदे वाली चीजें लेने से बचें
संतुलित आहार सही समय पर लेने से शरीर को पूरा पोषण मिलता है। ज्यादा नमक व चीनी वाली चीजें न लें। जंकफूड व पैक्ड चीजें ज्यादा न खाएं। इसमें कार्बोहाइड्रेट, वसा, नमक व चीनी निर्धारित मात्रा से कई गुना अधिक होती है। इस कारण में कैलोरी ज्यादा होती है। पोषक तत्वों की कमी होती है। इसे खाने से मोटापा बढ़ता है। शरीर में विषैले तत्व (टॉक्सिंस) बढ़ते हैं। 7-8 घंटे से कम नींद लेने से थकान, आलस्य, पाचन और हृदय संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
साफ-सफाई भी जरूरी
हाइजीन का अर्थ है स्वस्थ रहने का तरीका। इसका असर मन-मस्तिष्क पर पड़ता है। मुंह, दांतों और शरीर के अंगों की सफाई करें। कुछ भी खाने से पहले हाथों को अच्छे से धोएं। बैक्टीरियल संक्रमण से बचेंगे।
सेहत के तीन कदम
1. 6-8 घंटे सोएं। सुबह जल्दी उठें। 45 मिनट व्यायाम करें। पैदल चलें।
2. समय से पौष्टिक नाश्ता करें। भोजन को अच्छे से चबाकर खाएं।
3. हाइड्रेशन के लिए नियमित 2.5-3 लीटर पानी पीएं।

- डॉ. के.के अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, आइएमए, नई दिल्ली