
मासिक धर्म की अनियमितता दूर करता गाजर बीज-गुड़ का काढ़ा
जयपुर. गाजर को सब्जी, हलवा, बर्फी, आचार, मुरब्बे व सलाद के रूप में खाते हैं। कांच के जार में 250 ग्राम धुली सौंफ में गाजर का रस डालकर सुखा लें। 125 ग्राम मिश्री मिलाकर पाउडर बना लें, इस मिश्रण को रोज रात को गाय के दूध में घी मिलाकर लेने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। बिना छिलके भीगे बादाम खाने के बाद एक कप गाजर का रस व मिश्री मिलाकर गाय का दूध पीने से मानसिक शांति देता है। गाजर का मुरब्बे से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
कैंसर के खतरे को कम करता
खानपान व लाइफस्टाइल में आए बदलावों की वजह से कैंसर का खतरा पहले से बढ़ गया है। गाजर हमें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाता है। गाजर में भरपूर मात्रा में कैरीटोनॉइड पाया जाता है, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाकर बीमारियों से लडऩे की ताकत देता है। बीटा-कैरोटीन प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर से बचाव करते हैं। कैंसर सेल विकसित होने से रोकते हैं।
दिल की सेहत रखता दुरुस्त
यह दिल को सेहत को दुरुस्त रखता है। इसमें बीटा-कैरोटीन, अल्फा-कैरोटीन और लुटेइन जैसे एंटीऑक्सीडेंट कॉलेस्ट्रोल लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। हार्ट अटैक के खतरे को कम करते हैं। गाजर भूनकर खाने से दिल की कमजोरी और हार्ट बीट बढऩे पर खाने से फायदा मिलता है।
पेट के कीड़े खत्म करती
गाजर कब्ज व पथरी में कारगर है। बिना छीले गाजर खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। गाजर के 25 ग्राम बीज से गुड़ का काढ़ा बनाकर पीने से मासिक धर्म की अनियमितता दूर होती है।
हड्डियां मजबूत होतीं
गाजर के नियमित प्रयोग से कैल्शियम की मात्रा बढ़ती है और शरीर इस तरह से मिलने वाले कैल्शियम को जल्दी अवशोषित करता है। जिन लोगों को हड्डियों से सम्बन्धित समस्या होती हैं, उन्हें अपने आहार में गाजर जरूर लेनी चाहिए।
सावधानी बरतें
जुकाम, बुखार और निमोनिया में गाजर का जूस नहीं लेना चाहिए। इससे दिक्कत और बढ़ सकती है।
- डॉ. अबरार मुल्तानी, आयुर्वेद विशेषज्ञ, भोपाल
Published on:
24 Nov 2018 10:59 pm
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