Body Building Tips: आजकल लोग अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। खासकर युवा बॉडी बनाने के लिए जिम के दौरान कई तरह के सप्लीमेंट और दवा सेवन कर रहे हैं। लेकिन इस तरह बनाई गई बॉडी टिकाऊ नहीं होती है। लेकिन देसी चीजों को खाकर बनाया गया शरीर जीवनभर तगड़ा रहता है। ये लोग बुढ़ापे में भी हट्टा-कट्टा रहते हैं। आज हम इस लेख में बताएंगे कि कैसे देसी चीजों को खाकर भी अच्छी बॉडी बना सकते हैं।
Diet Tips: आजकल लोग अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। खासकर युवा बॉडी बनाने के लिए जिम के दौरान कई तरह के सप्लीमेंट और दवा सेवन कर रहे हैं। लेकिन इस तरह बनाई गई बॉडी टिकाऊ नहीं होती है। लेकिन देसी चीजों को खाकर बनाया गया शरीर जीवनभर तगड़ा रहता है। ये लोग बुढ़ापे में भी हट्टा-कट्टा रहते हैं। आज हम इस लेख में बताएंगे कि कैसे देसी चीजों को खाकर भी अच्छी बॉडी बना सकते हैं।
बॉडी बनाने के लिए सबसे ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है। यह मसल्स को रिपेयर और बढ़ने में मदद करता है। यह मैक्रोन्यूट्रिएंट मजबूत हड्डियों के लिए भी जरूरी है। लेकिन यह ज्यादातर चिकन-मटन जैसी चीजों में पाया जाता है। जिसे शाकाहारी लोग नहीं खाते हैं।
बता दें कि डेयरी प्रॉडक्ट, सोया प्रॉडक्ट, दालें, मशरूम, मूंगफली में भी भरपूर प्रोटीन पाया जाता है। अगर आप दाल के साथ 3 चीजें मिलाकर खाते हैं तो दिनभर का जरूरी प्रोटीन पा सकते हैं।
दाल के साथ खाएं 3 चीज
50 ग्राम मूंग की दाल के साथ 50-50 ग्राम काला चना, सोयाबीन और कच्ची मूंगफली भिगो दें। मिक्सचर को दो या तीन भाग में बांटकर दिनभर में खा लें। इसे खाने से भरपूर ताकत और ऊर्जा मिलेगी।
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सोयाबीन की बड़ी
वेजिटेरियन के लिए सोयाबीन एक सुपरफूड है। यह अकेले ही पोषण की कई सारी कमियों को दूर करता है। प्रोटीन के लिए 60-80 ग्राम सोयाबीन की बड़ी सेवन करें या 100 ग्राम टोफू का सेवन सकते हैं।
नट्स और मशरूम
बता दें कि नट्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन, मिनरल्स भी पाया जाता है। हर दिन आप 1-2 मुट्ठीभर नट्स का सेवन कर सकते हैं। साथ ही आप एक दिन में 100 ग्राम मशरूम का भी सेवन कर सकते हैं। यह विटामिन डी का भी बढ़िया सोर्स है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।