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नींबू पानी से दांतों को खतरा, इंजेक्शन से ठीक होगा ग्लूकोमा

ग्लूकोमा यानी कालापानी आंखों की ऐसी बीमारी है जो बिना किसी आहट के चुपचाप आंखों की रोशनी छीन लेती है।
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जयपुर

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Vikas Gupta

Mar 17, 2019

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ग्लूकोमा यानी कालापानी आंखों की ऐसी बीमारी है जो बिना किसी आहट के चुपचाप आंखों की रोशनी छीन लेती है।

भले ही वजन कम करने के लिए गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीना लाभकारी हो लेकिन दांतों की सेहत के लिए यह सही नहीं है। ब्रिटिश डेंटल एसोसिएशन के वैज्ञानिकों के अनुसार इसमें मौजूद एसिड की मात्रा दांतों की इनेमल परत को नुकसान पहुंचाती है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान तब होता है जब नींबू पानी गर्म होता है। इससे बचने के लिए वैज्ञानिकों का कहना है कि नींबू पानी को स्ट्रॉ से पीया जाए या एक ही बार में गटक लिया जाए ताकि यह कम समय के लिए ही दांतों के संपर्क में आए और किसी भी प्रकार का नुकसान भी न हो।

इंजेक्शन से ठीक करेंगे ग्लूकोमा -
ग्लूकोमा यानी कालापानी आंखों की ऐसी बीमारी है जो बिना किसी आहट के चुपचाप आंखों की रोशनी छीन लेती है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने ग्लूकोमा से निजात पाने के लिए एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। उन्होंने आंखों में बन रहे दबाव को कम करने के लिए हाइपोडर्मिक सुई का सहारा लिया है। इस सुई के जरिए आंखों में एक लचीली निकास नली (जेन जेल स्टेंट) डाली जाती है जिससे आंखों में बन रहा अतिरिक्त द्रव बाहर निकल आता है। अनुवांशिकता, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग की वजह से व्यक्ति ग्लूकोमा से प्रभावित होता है। आंखों से दिखने वाले चित्रों को मस्तिष्क तक पहुंचाने वाली नस यानी ऑप्टिक नर्व आंखों में द्रव के अधिक मात्रा में बनने के कारण क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसी नस से संदेश दिमाग में पहुंचते हैं लेकिन इसके क्षतिग्रस्त होने से इन्हें पहुंचने में बाधा आने लगती है।