
Health Benefits of Arjuna Bark
Benefits Arjun ki Chaal: भारत में आयुर्वेदिक दवा के रूप में अर्जुन की छाल का उपयोग किया जा रहा है। वैसे तो छोटी–छोटी बीमारियों में इसका सेवन किया जाता रहा है। लेकिन अर्जुन के पेड़ की छाल का प्रयोग कई गंभीर बीमारियों में भी किया जाता है। अर्जुन की छाल हृदय संबंधी बीमारियों, कुपोषण, डायबिटीज जैसी बीमारियों में भी किया जाता है। आज इस लेख में हम आपको अर्जुन की छाल के ऐसे फायदों के बारे में बताएंगे जिसे आप नहीं जानते होंगे। इसके सेवन से कई गंभीर बीमारियों में फायदा मिल सकता है।
अर्जुन की छाल में विशेष रूप से फ्लावनॉइड्स, फाईटोस्टेरोल, फेनॉलिक एसिड, अल्कालाइड और टैनिन पाए जाते हैं। इन तत्वों की लड़ने की शक्ति का उपयोग करते हुए, यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट, एंटीइंफ्लेमेट्रीक और कार्डियोप्रोटेक्टिव आयुर्वेदिक दवा के रूप में फायदेमंद है। अर्जुन की छाल ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह हृदय रोगों के लिए एक लाभदायक दवा भी होता है। इसका उपयोग हृदय संबंधी रोगों के लिए भी होता है।
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कैंसर में फायदेमंद है अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं। जो कैंसर कोशिकाओं के ग्रोथ को रोकने और मारने में मददगार हैं। प्रोस्टेट कैंसर, स्तन कैंसर और फेफड़ों के कैंसर के लिए अर्जुन की छाल बहुत फायदेमंद है।
मधुमेह में चमत्कारी है अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल का सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं। यह शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं। साथ ही यह इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं। यह इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता को बढ़ाता है। जिससे डायबिटीज कंट्रोल रहता है।
हार्ट हेल्थ को बेहतर करती है अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इस छाल में पाए जाने वाला यह गुण हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है। सात ही अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है। यह रक्तचाप को नियंत्रित करता है और हृदय के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को भी कम करता है।
आर्थराइटिस में लाभकारी है अर्जुन की छाल
आर्थराइटिस में अर्जुन की छाल लाभकारी है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करते हैं। साथ ही यह ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए भी फायदेमंद है। इसके सेवन से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है अर्जुन की छाल
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए अर्जुन की छाल बहुत चमत्कारी है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये गुण रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अर्जुन की छाल धमनियों को आराम देता है और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है।
अल्जाइमर रोग में भी फायदेमंद है अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। जो अल्जाइमर के रोगियों के लिए फायदेमंद है। यह अल्जाइमर के जोखिम को कम करने में मददगार है। साथ ही यह मस्तिष्क कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है और मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाता है।
कब्ज में लाभकारी है अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल में प्रचूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जिस वजह से इसके सेवन करने से कब्ज को दूर किया जा सकता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। साथ ही कब्ज को रोकता है।
गठिया में रामबाण है अर्जुन की छाल
गठिया रोग में अर्जुन की छाल बहुत लाभकारी है। इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मददगार होते हैं। यह गठिया, रूमेटाइड गठिया के लिए भी फायदेमंद होता है।
अस्थमा के मरीजों के लिए सेहतमंद है अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह वायुमार्ग को आराम देता है। अर्जुन की छाल अस्थमा के मरीजों के लिए सांस लेना आसान बनाता है।
त्वचा के संक्रमण में फायदेमंद है अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल में एंटी-इंफलेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। जो त्वचा के संक्रमण को रोकने और ठीक करते हैं। यह स्किन से मुंहासे, फंगल संक्रमण और बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने में कारगर है।
अर्जुन की छाल के सेवन से जल्दी भरते हैं घाव
अर्जुन की छाल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। इस गुण की वजह से घाव तेजी से भरते हैं। साथ ही अर्जुन की छाल संक्रमण को रोकता है और घाव को ठीक करने में मदद करते हैं।
सूजन को तेजी से कम करे अर्जुन की छाल
अर्जुन की छाल में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके सेवन से गठिया, रूमेटाइड गठिया और ऑस्टियोआर्थराइटिस से होने वाले सूजन को कम करने में मदद मिलती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
21 Sept 2023 11:26 am
Published on:
21 Sept 2023 11:22 am
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