10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

तांबे के बर्तन में पानी पीने के है गजब के फायदे, आज से शुरू कर दें पीना

Tambe Ke Bartan Me Pani Pine Ke Fayde: भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन का बहुत महत्व है। सदियों से लोग तांबे के बर्तन में पानी पीते आ रहे हैं। बदलते समय के साथ इसका चलन कम होता जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से सेहत को कई तरह के लाभ होते हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jyoti Kumar

Sep 06, 2023

copper_vessel_water.jpg

Health benefits of water in copper vessel

Tambe Ke Bartan Me Pani Pine Ke Fayde: भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन का बहुत महत्व है। सदियों से लोग तांबे के बर्तन में पानी पीते आ रहे हैं। बदलते समय के साथ इसका चलन कम होता जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से सेहत को कई तरह के लाभ होते हैं।

कई हेल्थ रिसर्च में यह प्रमाणिक हो चुका है कि तांबे के बर्तन में पानी स्टोर करके रख देना चाहिए और बाद में पीने से इसके फायदे होते हैं। कॉपर एक अहम पोषक तत्व है जो हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है।

बैक्टीरिया को दूर करता है तांबा
तांबा हार्ट और ब्रेन दोनों की सेहत को बेहतर रखने में मदद करता है। कॉपर से बने बर्तन में एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं। तांबा के बर्तन में 48 घंटे से ज्यादा समय तक पानी रख कर उसका सेवन करते हैं तो शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरियाज का खात्मा हो जाता है।

डाइजेशन होगा दुरुस्त
तांबा के बर्तन में रखे पानी पीने से हमारा डाइजेशन सही होता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करते हैं। अगर तांबे के ग्लास में पानी पिएंगे तो शरीर को ठंडक मिलेगी। भोजन करने के बाद इस पचाने के लिए शरीर से टॉक्सिंस और हीट निकलते हैं। तांबे के बर्तन का अल्कलाइन वॉटर बॉडी के एसिड को बैलेंस रखता है। गर्मी के मौसम में तांबा के बर्तन में रखा पानी जरूर पीना चाहिए।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।