
Health Tips: एक ताजा अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि मसालों और हब्र्स में पाया जाने वाला एक प्लांट कंपाउंड दिमाग की शक्ति को जागृत करने में सक्षम है। फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ रियो डी जेनेरियो, इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड एजुकेशन एवं फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ बाहिया के शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में एक प्रदर्शन किया। देखा गया कि लाल मिर्च में मौजूद तत्त्व- एपीजेनिन ब्रेन सेल्स के बीच कनेक्शन मजबूत करता है और न्यूरॉन फॉर्मेशन को इम्प्रूव करता है।
कीड़े नहीं लगने देती दालचीनी
दालचीनी के ढेरों फायदे हैं। अगर मुंह से दुर्गंध आती हो तो इसका एक टुकड़ा मुंह में रखकर धीरे-धीरे रस लें। इसके पाउडर को पानी में मिलाकर गरारे करने से दांतों में कीड़े नहीं लगते। दालचीनी के पाउडर में नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं व चेहरे पर लगाएं इससे कील मुहांसों की समस्या दूर होगी।
इलाइची से नहीं होगी उल्टी
इलाइची के कई औषधीय गुण हैं। गले में खराश हो तो सुबह-शाम इलाइची चबाने के बाद गर्म पानी पिएं। यात्रा पर जाने के दौरान बस या गाड़ी में उल्टी या जी मिचलाता है तो इलाइची खा लें।
नजले में फायदेमंद काली मिर्च
रसोई में मसालों की शान काली मिर्च को आयुर्वेद में औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। कालीमिर्च का पाउडर गुड़ में मिलाकर खाने से खांसी, जुकाम और नजले की समस्या दूर होती है। पिसी हुई काली मिर्च को मंजन के रूप में दांत पर मलने से दांतदर्द में आराम मिलता है। आधा चम्मच कालीमिर्च पाउडर और बताशे को पानी में उबालकर गर्म-गर्म पीने से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर आते हैं। यदि त्वचा पर छोटी फुंसियां उभरने लगें तो काली मिर्च को थोड़े पानी में घिसकर लगाएं। सिरदर्द या सिर में भारीपन महसूस होने पर आयुर्वेद विशेषज्ञ इसका पाउडर सूंघने की सलाह देते हैं। इसका सब्जी या अन्य चीजों में रोजाना उपयोग करने से खून साफ होता है।
Published on:
10 Sept 2021 11:35 pm

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