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कर्इ राेगाें में लाभदायक है लसोड़ा, फायदे जानकर चाैंक जाएंगे आप

नजला, जुकाम, सूजन और कफ वाली खांसी में 10 ग्राम लसोड़े के फलों को 100 मिली पानी में उबालकर काढ़े के रूप में गुनगुना

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lasoda

कर्इ राेगाें में लाभदायक है लसोड़ा, फायदे जानकर चाैंक जाएंगे आप

लसोड़ा को गोंदी और निसोरा के अलावा यूनानी चिकित्सा पद्धति में सपिस्तां भी कहते हैं। कच्चे लसोड़़ा से सब्जी और अचार बनता है वहीं पके हुए लसोड़े मीठे होते हैं और इनमें गोंद की तरह चिकना और मीठा रस पाया जाता है। यूनानी चिकित्सा पद्धति में लंबे समय से सपिस्तां का उपयोग नजला व जुकाम जैसे रोगों के इलाज में होता है। इसका पेड़ औसत लंबाई का होता है जिसके फल, पत्ते व छाल औषधि के रूप में इस्तेमाल होते हैं। इसके फल सबसे ज्यादा प्रयोग में लिए जाते हैं।आइए जानते हैं इनके फायदाें के बारे में :-

फल
- नजला, जुकाम, सूजन और कफ वाली खांसी में 10 ग्राम लसोड़े के फलों को 100 मिली पानी में उबालकर काढ़े के रूप में गुनगुना पिएं।
- इसके फलों को पानी में पीसकर लेप की तरह फोड़े-फुंसी को पकाने के लिए लगाएं। जोड़दर्द भी दूर होगा।
- एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर सपिस्तां के फल इम्युनिटी बढ़ाकर हृदय और लिवर को दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाते हैं। यूरिन में जलन, पेट का अल्सर, आंतों से जुड़ी समस्या दूर करने के साथ ये रक्तचाप कम करते हैं। इसके लिए 10 ग्राम फलों को रातभर 125 मिली पानी में भिगोएं और सुबह खाली पेट छानकर पिएं।

पत्तियां छाल
लसोड़े की कुछ ताजा पत्तियों को पीसकर फोड़े, फुंसी और कीड़े-मकोड़ों के काटने की जगह लगाना लाभदायक है।

छाल
लसोड़े के पेड़ की छाल के पाउडर का लेप टूटी हुई हड्डी की जगह पर लगाने से हड्डी को जुड़ने में कम समय लगता है।