
बे्रस्टफीडिंग से जुड़ी दिक्कतों में कलौंजी का चूर्ण लिया जाता है।
कलौंजी बेहद फायदेमंद है। इसके प्रयोग से प्रसव संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
अनियमित माहवारी की समस्या का समाधान होता है।
बे्रस्टफीडिंग से जुड़ी दिक्कतों में कलौंजी का चूर्ण लिया जाता है।
कुत्ते के काटने पर कलौंजी के बीजों को सिरके में भिगोकर सुखाएं और महीन चूर्ण 2 चम्मच तक दिन में दो तीन बार लेने से आराम मिलता है।
मुहांसों पर कलौंजी को सिरके में पीसकर रात में लेप लगाएं व सुबह धो लें फायदा होगा।
कलौंजी के तेल से मालिश करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
ताकत का खजाना है मसूर की दाल -
दालें प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होती हैं यह सब जानते हैं, लेकिन मसूर की दाल में मौजूद पोषक तत्त्वों के कारण इसे एनर्जी का पावर हाउस भी कहा जाता है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर से युक्त मसूर की दाल महिलाओं को पीरियड के दौरान महसूस होने वाली कमजोरी और थकान से बचा सकती है। इसके नियमित प्रयोग से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। मसूर की दाल का सूप बनाकर पीने से पाचनतंत्र दुरुस्त रहने के साथ आंतों से सम्बंधित रोगों में लाभ होता है।
Published on:
03 Jun 2019 12:56 pm
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