
सर्दियों में खाएं ये देसी फूड, मिलेगी भरपूर ताकत, सालभर रहेंगे सेहतमंद
सर्दियों में हमारी मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ जाती है, जिससे शरीर को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है। इसलिए इस मौसम में हमें सामान्य से 500 कैलोरी ज्यादा लेनी चाहिए। इस मौसम में कैलोरी लेने के लिए मक्का, बाजरा और गुड़ खाया जाए तो शरीर को काफी मात्रा में ऊष्मा मिलती है।
बच्चे और युवा
बच्चों व युवाओं को मौसमी फल और सब्जियों के अलावा डाइट में घी, गुड़, मक्का, बाजरा, गाजर व पालक को भी अधिक मात्रा में शामिल करना चाहिए ताकि शरीर की ऊर्जा बनी रहे।
ये भी करें : रोजाना 10-15 ग्राम घी व गुड़ के 4-5 टुकड़े खाएं।
बुजुर्गों के लिए
बच्चों व युवाओं के मुकाबले बुजुर्गों की शारीरिक मेहनत कम होती है, ऐसे में उन्हें हैवी डाइट लेने से बचना चाहिए। बाजरे और मक्के को गेहूं के आटे में मिलाकर रोटी बनाएं। यह रोटी काफी आसानी से पच जाती है।
ये भी करें : एक से डेढ़ चम्मच घी और 2-3 टुकड़े गुड़ रोजाना खाएं।
ऐसा हो खानपान
सर्दी की शुरुआत से ही बाजरा रास आने लगता है। बाजरा न केवल शरीर को ऊष्मा देता है बल्कि पौष्टिक आहार भी है। बाजरे की खिचड़ी, रोटी, उत्पम, ढोकला, साथ ही चने की दाल डालकर पुलाव भी बना सकते हैं। जौ में घुलनशील फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है। यह हमारे रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है। इसके अलावा यह रक्तमें ग्लूकोज के स्तर को भी संतुलित रखता है। इसमें वसा की मात्रा न के बराबर होती है। जौ से बने बिस्किट और बेकरी की अन्य चीजों का प्रयोग करें।
ज्वार में विटामिन बी और विटामिन ई, मैगनीशियम, फाइबर, आयरन काफी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। यह दिल की बीमारियों से भी बचाता है। ज्वार की रोटी सर्दी में फायदा करती है। डायबिटीज में मक्का फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन बी व अन्य पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। मक्के की रोटी, ढोकला, सब्जी व स्वीट कॉर्न बनाकर या इसे भूनकर भी खा सकते हैं। उबले भुट्टे का पानी पीने से पेशाब की जलन कम होती है।
पानी खूब पिएं
सर्दियों में अक्सर लोग कम पानी पीने लगते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या तो होती ही है, साथ ही त्वचा भी रूखी होने लगती है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए। तिल, गुड़, सोंठ, मेथी आदि के लड्डू और च्यवनप्राश को सुबह-सुबह खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। इससे शरीर सारे पोषक तत्वों को ग्रहण कर लेता है और हमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
दिल के लिए जरूरी
यह सोचकर कि इस मौसम में कुछ भी खाकर पचाया जा सकता है, बहुत ज्यादा घी, मीठे, तले-भुने और मसालेदार खाने से बचें क्योंकि खाने को पचाने में मौसम से ज्यादा शारीरिक मेहनत काम आती है। ऐसे में अधिक खाने व शारीरिक मेहनत कम होने के कारण मोटापा बढ़ने लगता है। इससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में तरल पदार्थों के साथ हरी सब्जियों को भी डाइट में शामिल करें।
डायबिटीज में
डायबिटीज में जौ, मक्का, चना व गेहूं के मिक्स आटे से बनी रोटियां खाएं। मूंगफली, गुड़ से परहेज करें।
अस्थमा में रखें ध्यान
ठंडे खाने से परहेज करें। हल्का गुनगुना पानी पिएं। गजक या मेथी व गुड़ के बने तिल के लड्डू खाएं। सर्द हवाओं से बचने के लिए हमेशा मुंह पर कपड़ा या मफलर बांधकर ही बाहर निकलें।
विशेषज्ञ की राय
सर्दी के मौसम में ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक आदि से बचें। साथ ही तली-भुनी चीजें व जरूरत से ज्यादा खाने से भी परहेज करें।
Published on:
05 Feb 2019 04:06 pm
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