
salt
नमक (सोडियम) की कमी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है। एक वयस्क में 135-148
मि.ली. मोल (मोलिक्यूल) सोडियम होना चाहिए। यह मात्रा घट कर 118 के निम्नस्तर पर आ
जाए, तो इसे हाइपोनैट्रीमिया कहते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति को फौरन इलाज की
जरूरत होती है। सोडियम का काम मांसपेशियों और दिमाग की नसों को नियंत्रित करना
होता है। सोडियम शरीर में तभी काम कर पाता है जब मैगनीशियम और पोटेशियम की मात्रा
भी इसी के समान हो। इसका प्रमुख स्रोत नमक है।
प्रमुख लक्षण
नमक कम लेने
से थकान, सुस्ती, मांसपेशियों में अकड़न व भूख में कमी होने लगती है, शब्द
लड़खड़ाने लगते हैं और गंभीर स्थिति होने पर मरीज बेहोश भी हो जाता
है।
ज्यादा उम्र में घातक
1. सोडियम की कमी कई कारणों से हो सकती है।
अक्सर यह उम्रदराज लोगों में ज्यादा देखी जाती है।
2. डायबिटीज या हाई ब्लड
प्रेशर के मरीज डायूरेटिक दवाएं लेते हैं। इससे शरीर से सोडियम उत्सर्जित होता है।
कई बार ज्यादा उत्सर्जन से भी कमी हो सकती है।
3. एड्रिनल ग्लैंड सही तरीके से
काम न करने की वजह से हाइपोएड्रिनलिज्म की शिकायत हो जाती है। ऎसे में टीबी की
बीमारी होने के कारण भी सोडियम की कमी हो सकती है।
4. ज्यादा उल्टी होने या
डायरिया की समस्या में भी सोडियम का अभाव हो सकता है।
5. दिल और किडनी संबंधी
रोगों के अलावा गर्मियों में ज्यादा पसीना आने से भी कमी हो सकती है।
कमी की
पूर्ति
फिजिशियन डॉ. जी. डी. पारीक के अनुसार इसकी जांच के लिए सिरम
इलेक्ट्रोलाइट के अंतर्गत ब्लड टेस्ट कर कमी का पता लगाया जाता है। सोडियम की कमी
व्यक्ति में दो तरह से पूरी की जाती है। अगर मरीज खाने की स्थिति में है तो उसे
सोडियम सप्लीमेंट जैसे नमक से बनी चीजें दी जाती हैं और यदि बेहोशी की हालत में है
तो उसे विशेषज्ञ की देखरेख में ड्रिप लगाकर सोडियम कंपाउंड चढ़ाया जाता है। दिनभर
में नमक की छह ग्राम से ज्यादा मात्रा न लें। पर्याप्त पानी पिएं और बैलेंस डाइट
लें।
Published on:
03 Mar 2015 06:22 am
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