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अगर सुबह उठते ही आपको भी गुस्सा आता है, थकान रहती है, तो करें ये उपाय

सुबह उठते ही अच्छा महसूस न करना, गुस्सा आना, बिस्तर छोडऩे का मन न करना जैसी चीजें इशारा करती हैं, ‘कुछ ठीक नहीं है।’

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Pawan Kumar Rana

Dec 01, 2017

Morning fatigue

Morning fatigue

सुबह की थकान आखिर क्या है? रात भर सोने और आराम करने के बाद सुबह उठने पर थकान क्यों महसूस होती है? बहुत से लोग मॉर्निंग फटीग का शाब्दिक अर्थ तो जानते हैं लेकिन इसके लक्षणों और नुकसान से वाकिफ नहीं हैं। दरअसल यह सुबह के वक्त कभी-कभार महसूस होने वाली थकान नहीं है और न ही आसानी से समझ में आने वाली बीमारी। इसे आमतौर पर ‘अम्ब्रेला सिंपटम’ के नाम से भी जाना जाता है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके प्रति सजग होकर कुछ लक्षणों को पहचानकर यह जाना जा सकता है कि कहीं आप भी तो सुबह होने वाली थकान की शिकार तो नहीं हैं।

गुस्सा आना

सुबह उठने पर हर किसी का मूड अच्छा ही रहता है लेकिन आपको सुबह उठते ही गुस्सा आना शुरू हो जाए तो समझ लीजिए कि आप मॉर्निंग फटीग की शिकार हैं। इसलिए सुबह उठते ही थोड़ा ध्यान या योगाभ्यास करें।

चक्कर आना


सुबह के वक्त चक्कर आने की समस्या समय-समय पर हो सकती है और ऐसा केवल गर्भवती स्त्रियों के साथ ही नहीं होता। अगर आपने बीते दिन अत्यधिक काम किया है तो आपको अगली सुबह चक्कर महसूस हो सकते हैं लेकिन अगर यह रोजाना का किस्सा हो गया हो तो यह संकेत है कि आपको अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा।

रूखापन

कभी-कभार सुबह उठते समय मुंह सूखा महसूस होना सामान्य बात हो सकती है, खासतौर से गर्मी के मौसम में लेकिन सूखे मुंह और सूखी आंखों के साथ रोज उठना ठीक नहीं है। ये दोनों लक्षण मॉर्निंग फटीग के लक्षण हैं और किसी अंदरूनी बीमारी की वजह से भी हो सकते हैं। यह रूखापन खर्राटों और डीहाइड्रेशन की वजह से भी हो सकता है।

कभी कम तो कभी ज्यादा थकान
सुबह आंख खुलने के तुरंत बाद थकान की वजह से आपके लिए उठना मुश्किल होता है, कमजोरी महसूस होती है, उठने की इच्छा न होने पर आपको लगता है कि एक घंटा और सो लें लेकिन उठने के बाद जब आप काम के लिए तैयार हो जाती हैं तो आपको लगता है कि अब आपको उतनी थकान नहीं है, जितनी कुछ मिनटों पहले थी लेकिन समय बीतने के साथ ही लंच तक आपको फिर से इसका अहसास होने लगता है तो समझ लीजिए कि आप मॉर्निंग फटीग से ग्रस्त हैं।


अवसाद महसूस होना
आमतौर पर मॉर्निंग डिप्रेशन रात को देर तक जागने वाले लोगों में ज्यादा देखा जाता है लेकिन सुबह जल्दी उठने वालों को भी यह समस्या हो सकती है। अगर उठने के बाद आपका मूड बिना वजह खराब हो या आपके अंदर किसी तरह का डर पैदा हो जाए तो आप मॉर्निंग फटीग के साथ-साथ मॉर्निंग डिप्रेशन का भी शिकार हो सकती हैं। इससे पहले कि सुबह की यह समस्या एक मानसिक समस्या में तब्दील हो जाए, डॉक्टरी सलाह ले लें।

मॉर्निं फटीग यानी सुबह की थकान को अनदेखा न करें क्योंकि इसके पीछे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डायबिटीज, थाइरॉइड, एनीमिया, ग्लैंड्यूलर फीवर या क्रॉनिक एंजाइटी हो सकती हैं। अपनी सोने के पैटर्न पर ध्यान दें, अच्छी बेडटाइम आदतें अपनाएं, संतुलित आहार लें और हो सके तो शाम 6 बजे के बाद काम न करें। डॉक्टरी सलाह भी लें।