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नैचुरोपैथी से संवारी जा सकती है आपकी त्वचा

आप जो खाते हैं, उसका सीधा प्रभाव आपकी त्वचा पर पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि बैलेंस्ड डाइट का सेवन किया जाए।

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 बैलेंस्ड डाइट

आप जो खाते हैं, उसका सीधा प्रभाव आपकी त्वचा पर पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि बैलेंस्ड डाइट का सेवन किया जाए। मिनरल्स और विटामिन्स की मौजूदगी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करती है। विटामिन ए और सी त्वचा की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने और कोलेजन के निर्माण में मदद करता है जो स्किन को टाइट करती है और फ्री रेडिकल्स से बचाती है।

ग्रीन टी

ग्रीन टी - एंटीऑक्सिडेंट्स की उपस्थिति हानिकारक फ्री रेडिकल्स से लडऩे के साथ ही स्किन को सूर्य से निकलने वाले रेडिएशन से भी बचाती है। जिसकी वजह से 90 प्रतिशत प्रीमैच्योर एजिंग के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

नींबू पानी 

नींबू पानी - स्किन की केयर के लिए यह भी बेहतर विकल्प है। नींबू प्राकृतिक एंटीसेप्टिक होता है जो त्वचा से संबंधित कई समस्याओं से बचाता है। इसके अलावा नींबू में विटामिन सी होता है जो त्वचा को पुनर्जीवित करता है और निखार लाता है।

गाजर

गाजर - नियमित तौर पर 1-2 गिलास गाजर का जूस या 4-5 गाजर का सेवन करने से विटामिन ए प्राप्त होता है। यह स्किन को हैल्दी बनाने के साथ ही मुहांसों आदि से लडऩे में भी मदद करता है। इसमें विटामिन सी और पोटेशियम भी होता है जो स्किन के लिए अच्छा होता है।

ओमेगा 3

ओमेगा 3 - अलसी के बीज, अखरोट व अन्य तरीके के नट्स में ओमेगा 3 फैटी एसिड की अत्यधिक मात्रा होती है। यह फैटी एसिड्स त्वचा में मौजूद लाभकारी ऑयल को सपोर्ट करता है जो त्वचा को मुलायम बनाता है।

टमाटर

टमाटर - इसमें और तरबूज में लाइकोपिन की अत्यधिक मात्रा होती है। यह फाइटोकैमिकल तत्व होता है जो लाल रंग का पिग्मेंट उपलब्ध करवाता है। लाइकोपिन अल्टावॉयलेट किरणों की वजह से बनने वाले उन फ्री रेडिकल्स को हटाने में मदद करता है जो एजिंग का अहम कारण होता है।