
नवरात्रि व्रत में ये चीजें रखेगी आपकी सेहत का ध्यान, यहां जानिए क्या
यदि आप भी नवरात्र के दौरान उपवास रखते हैं तो सेहत से जुड़ी कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। क्योंकि नौ दिन के व्रत के दौरान लापरवाही बरतने से सेहत बिगड़ भी सकती है। जैसे पाचन गड़बड़ाने के साथ अनचाहा वजन बढ़ता है या कई बार कमजोरी के कारण चक्कर आने, बेहोशी छाने और बीपी घटने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
व्रत करने से शरीर में बनी रहती ऊर्जा
कभी-कभी भूखे रहना या उपवास करना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी होता है। इस दौरान अन्न आदि न खाने से हमारे पाचन तंत्र को आराम मिलता है। शरीर में ऊर्जा बनी रहती है जिसका इस्तेमाल हम नियमित खाते रहने से नहीं कर पाते हैं। व्रत के दौरान संतुलित खाना खाने से भी हमारी सेहत अच्छी रहती है। इस दौरान जो चीजें हम बाकी दिनों में नहीं खा पाते, उन्हें भी खाया जाता है। जैसे साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा आदि। इनसे मिलने वाले पोषक तत्त्व पेट के साथ खासतौर पर दिमाग को सक्रिय बनाए रखते हैं।
इनका ज्यादा करें उपयाेग
- आप नवरात्रों के व्रत के दौरान हर्बल चाय पी सकते हैं, नारियल पानी पी सकते हैं। कहने का अर्थ है आपको हल्का और सुपाच्य खाना लेना चाहिए। जो कि आसानी से पच जाए।
- आपको तले-भुने खाने से इसीलिए परहेज करना चाहिए ताकि आपको उपवास के लाभ मिल सकें और आपके शरीर से अतिरिक्त वसा का उपयोग हो सकें।
- नवरात्र के व्रत के दौरान आपको तले-भुने खाने के बजाय फलों का सेवन करना चाहिए और घर में निकले फलों और सब्जियों के जूस का सेवन करना चाहिए। चाहे तो सूखे मेवे, सूप, छाछ और फ्रूट शेक का भी सेवन कर सकते हैं।
व्रत के दौरान ना बढ़े वजन
सामान्यत: हर व्यक्ति को 1300-1400 कैलोरी प्रतिदिन चाहिए होती है। ऐसे में कुछ लोग बाहर या घर में बनने वाले नवरात्र स्पेशल फूड को नौ दिन लगातार खाते हैं। जिनमें हाई कैलोरी होती है। जैसे आलू के चिप्स, कुट्टू के आटे की पूडिय़ां, साबूदाने के पकौड़े या वड़ा, तले हुए साबूदाने आदि। तेल में तले होने के कारण इनमें कैलाेरी की मात्रा अधिक हाे जाती है। जिसके कारण उपवास करने वाले लाेगाें का वजन बढ़ने का खतरा बना रहता है।इसलिए व्रत के दाैरान तली भुनी चीजाें से परहेज रखना चाहिए।ताकि वजन काे कंट्राेल किया जा सके।
यह भी रखें ध्यान
- दिनभर भूखा रहकर जो लोग रात को व्रत खोलते हैं वे उस समय सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कैलोरी व कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन कर लेते हैं। साथ ही पूरे दिन की थकान की सोच के साथ वे खाते ही सो जाते हैं। जिससे वसा को पचने के लिए समय नहीं मिलता। अपच व एसिड रिफलक्स हो सकता है।
- मधुमेह, ब्लड प्रेशर, हृदय रोगी, अस्थमा, एनीमिक या प्रेग्नेंट महिलाएं डॉक्टरी सलाह से व्रत करें।
- उपवास के दौरान पानी की कमी न होने दें। ऐसे में कैल्शियम या इससे संबंधित पोषक तत्त्व जमा होने लगते हैं। इससे गुर्दे में पथरी की समस्या हो सकती है।
- नींबू पानी, अनानास जूस, नारियल पानी, विटामिन-ए युक्त फल खाएं।
- ज्यादा चाय, कॉफी या अधिक मीठी चीजें खासतौर पर मिठाइयों से बचें।
- सेंधा नमक और चीनी की मात्रा सीमित रखें। साथ ही तली-भुनी चीजें कम से कम खाएं।
Published on:
10 Oct 2018 03:46 pm
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