
जन्म के छह माह बाद बच्चे को देना शुरू करें हल्की डाइट
घर में नन्हा मेहमान खुशियों के साथ जिम्मेदारियां भी लाता है। शुरुआत में इसकी खास देखभाल बेहद जरूरी है ताकि वह रोगों से दूर रहे और सेहतमंद बने। इन जिम्मेदारियों में मां का रोल बहुत अहम होता है। जानते हैं कुछ ऐसी बातों के बारे में जिनकी मदद से आप इस नन्हे मेहमान को हैल्दी रख पाएंगी।
इन बातों का रखें ध्यान
6 माह तक मां का दूध जरूर : नवजात को करीब 6 माह तक मां का दूध पिलाना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि मां के दूध में कोलेस्ट्रॉम नामक एक पदार्थ होता है, जो उसके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। शायद इसीलिए नवजात शिशु के लिए मां का दूध बेहतर माना गया है।
कमरे का तापमान मेंटेन करें: नवजात काफी नाजुक होता है। ऐसे में शिशु अपने आपको बाहरी तापमान के अनुरूप नहीं ढाल पाते हैं। बच्चे को हमेशा ढककर ही रखें। साथ ही बच्चा जिस कमरे में हो उस कमरे का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही होना चाहिए।
मजबूत हड्डी के लिए मालिश
जन्म के समय नवजात की हड्डियां नाजुक होती हैं, ऐसे में हड्डियों को मजबूत करने के लिए मां को चाहिए कि वह बच्चे की मालिश जरूर करें। डॉक्टर से बात कर बाजार में उपलब्ध बेहतर तेल चुन सकती हैं।
अधिक रोए तो डॉक्टर से मिलें
नवजात का रोना हमेशा चिंता की बात नहीं होती है। ज्यादातर शिशु भूख लगने या बिस्तर गीला होने पर रोते हैं। लेकिन ऐसी कंडिशन नहीं बनी है फिर भी बच्चा ज्यादा रो रहा है तो आपको फिर किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सर्दियों में फोटोथैरेपी जरूरी
नवजात के लिए धूप जरूरी होती है। सर्दियों में उसे कुछ देर धूप में घुमाने की प्रक्रिया को फोटोथैरेपी कहते हैं। इससे नवजात की हड्डियां मजबूत होती हैं। बच्चे को थोड़ी देर रोजाना धूप में घुमाएं। यह एक्सरसाइज उसे हैल्दी रखेगी।
6 माह बाद ठोस आहार दें
छह महीने के बाद बच्चे को ठोस आहार देना शुरू कर दें। ठोस आहार का मतलब यह नहीं की उसे ऐसा आहार दें, जिससे उसको पचाने में दिक्कत हो। यानी खीर, दलिया, सेरेलेक, खिचड़ी आदि।
कपड़ों में न हो संक्रमण, ध्यान रखें:
नवजात की त्वचा बहुत कोमल होती है। उसे सिर्फ कोमल कपड़े ही पहनाएं। इसके अलावा शिशु के कपड़े बिल्कुल अलग से धोएं और अलग से ही सुखाएं।
Published on:
22 Aug 2018 05:28 am
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