हम जो शक्कर खाते हैं उसमें नहीं होते जरूरी पोषक तत्व

467 कैलोरी होती है 120 ग्राम चीनी में। 21-25 ग्राम चीनी महिलाओं और पुरुष को 30-35 ग्राम चीनी दिन भर में लेनी चाहिए। इससे अधिक मात्रा में चीनी लेना ठीक नहीं है।

By: विकास गुप्ता

Published: 25 Nov 2019, 02:19 PM IST

रिफाइन करने से चीनी में विटामिन्स, मिनरल्स और कई एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं। दूध, फल और सब्जी में मौजूद शक्कर से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। 467 कैलोरी होती है 120 ग्राम चीनी में। 21-25 ग्राम चीनी महिलाओं और पुरुष को 30-35 ग्राम चीनी दिन भर में लेनी चाहिए। इससे अधिक मात्रा में चीनी लेना ठीक नहीं है।

चीनी (शक्कर) से सुक्रोज, लैक्टोज फ्रक्टोज और कैलोरी मिलती है लेकिन इसमें विटामिन्स या मिनरल्स नहीं होते हैं। इसका मात्रा से अधिक इस्तेमाल करने से मोटापा, मधुमेह, हार्ट अटैक, कैंसर, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। चीनी गन्ना और चुकंदर से बनती है।

सफेद चीनी को रिफाइंड शुगर भी कहा जाता है। इसे रिफाइन करने के लिए सल्फर डाई ऑक्साइड, फास्फोरिक एसिड, कैल्शियम हाई-ऑक्साइड का उपयोग किया जाता है। रिफाइनिंग के बाद चीनी में मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन, एंजाइम्स जैसे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।

रिफाइन चीनी के खाने से मस्तिष्क में रासायनिक क्रियाएं होने से सेरेटोनिन का स्राव हो सकता है, जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन, अवसाद जैसे लक्षण आते हैं। इसमें सुक्रोज बचता है, इसकी अधिक मात्रा शरीर के लिये नुकसानदायक होती है। अधिक मात्रा में चीनी का इस्तेमाल वसा से ज्यादा नुकसान करती है। इससे मधुमेह की दिक्कत होती है। ज्यादा इस्तेमाल करने से वजन बढ़ सकता है। चीनी या इससे बनी चीजें खाने के बाद मुंह साफ करना चाहिए। ये दांतों की सुरक्षा कवच को नुकसान पहुंचाती है। दिन भर में महिलाओं को 21-25 ग्राम और पुरुषों को 30-35 ग्राम तक चीनी लीनी चाहिए। इससे अधिक मात्रा में लेने में स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।

चीनी का विकल्प है गुड़, खजूर -
चीनी की बजाय मिनरल्स, विटामिन्स युक्त गुड़, शहद, खजूर, फलों का रस, फलों का प्रयोग करना चाहिए। इनके इस्तेमाल से रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता है।

चीनी के चार प्रकार -
चीनी चार प्रकार की होती है। ग्रनुलेटेड (दानेदार) चीनी कुकीज़, केक, पाई, आइसक्रीम बनाने में प्रयोग की जाती है। कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आयरन से भरपूर ब्राउन शुगर रोग प्रतिरोधकता व पाचन सही रखता है।

चिपचिपी ब्राउन शुगर को रिफाइंड नहीं किया जाता है। ब्राउन शुगर की तरह और महंगी शुगर को आइसक्रीम सॉस और ब्रेड पुडिंग में प्रयोग होता है। कन्फेक्शनर शुगर मक्का स्टार्च के साथ रिफाइंड दानेदार चीनी का पाउडर के रूप में होता है।

विकास गुप्ता Desk
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