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फूड प्वाइजनिंग के लक्षण खाने के छह घंटे के भीतर आते हैं सामने

जानिए फूड प्वाइजनिंग के बारे में।
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फूड प्वाइजनिंग के लक्षण खाने के छह घंटे के भीतर आते हैं सामने

फूड प्वाइजनिंग के लक्षण खाने के छह घंटे के भीतर आते हैं सामने

दूषित भोजन के सेवन से बहुत तरह की बीमारियां होती हैं उनमें से एक है फू ड प्वाइजनिंग... फूड प्वाइजनिंग के लक्षण खाने के छह घंटे के भीतर सामने आते हैं। खाना या पीना में से कोई भी गंदा या संक्रमित हो तो फूड पॉइजनिंग होने की संभावना होती है। कुछ मामलों में ये पांच से दस मिनट के भीतर भी दिखने लगते हैं। घर से खाना बनाते वक्त अगर उसको धोने में गन्दे पानी का इस्तेमाल किया गया हो या फिर खाना बनाने में गन्दे पानी का इस्तेमाल हुआ हो तो फूडप्वाइजनिंग हो सकती है। जानिए फूड प्वाइजनिंग के बारे में।

लक्षण -
उल्टी के साथ पेट में दर्द, बार-बार दस्त आना, बार-बार यूरिन आना और जलन होना, त्वचा रूखी हो जाना, मल में खून आना, बेहोशी या चक्कर आना प्रमुख लक्षण हैं। कुछ गंभीर मामलों में पतली दस्त के साथ खून आता है। खाना पचता नहीं है, कुछ भी खाने से वह तुरंत उल्टी के रूप में बाहर निकल जाता है। शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, ऐसे में बिना देर किए अस्पताल पहुंचना चाहिए क्योंकि समय पर इलाज न होने से व्यक्ति के शॉक में जाने के बाद मौत भी हो सकती है।

पीलिया का भी खतरा रहता है, जिसे मेडिकल की भाषा में फिको ओरल ट्रांसमिशन कहते हैं। फूड प्वाइजनिंग होने के बाद पेट के भीतर एंजाइम्स नहीं बनते हैं। इस वजह से पाचन क्रिया रुक जाती है। आंतों की कार्यक्षमता कमजोर हो जाती है। गैस की दवा जैसे ओमेप्रोजेल, पैंटाप्रेजोल समेत अन्य तरह की दवाएं लेते हैं उन लोगों में एसिड का सीक्रेशन नहीं हो पाता है। इसके अलावा स्टोर कर रखे खाने, अधपका अंडा, मीट, कच्चा दूध, पैक्ड आइसक्रीम और बासी खाने को गरम कर खाने से बीमारी की आशंका बढ़ जाती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।