
जड़ी-बूटियों से मात
मौसम में बदलाव के कारण होने वाली एलर्जी व स्मॉग से बचाव के लिए कई तरह की जड़ी-बूटियां आयर्वुेद में हैं। इन्हें नियमित लेने से इसके दुष्प्रभाव रोकने के अलावा सांस संबंधी परेशानियों में भी लाभ होता है।
हल्दी : इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्रदूषण के जहरीले प्रभावों से फेफड़ों को बचाता है। इसे घी के साथ खाने से खांसी और गुड़ व मक्खन के साथ लेने से अस्थमा में राहत मिलती है। कफ निकालने के लिए हल्दी, गुड़ व प्याज के रस को मिलाकर लें। एक गिलास दूध में थोड़ी हल्दी मिलाकर लें।
आंवला :
एक आंवले में तीन संतरे के बराबर विटामिन-सी है जो उबालने पर भी नष्ट नहीं होता है। इसे खाने से खून साफ होता है व इम्यूनिटी बढ़ती है। बाहरी प्रदूषण से लड़ता है। रोगों से बचाव के लिए इसे रोजाना खाएं।
एक साथ आंवला और हल्दी लें
आंवला व हल्दी पाउडर बराबर मात्रा में लेकर मटर के दाने के बराबर गोली बना लें और गुनगुने पानी के साथ लें। इसे आयुर्वेद में 'निशा अमलकी' कहते हैं।
गिलोय- इसका काढ़ा या वटी शरीर में सफेद रक्तकणिकाओं की संख्या के साथ प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है जिससे प्रदूषण का असर घटता है।
Published on:
02 Jul 2019 01:07 pm
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