
बसंत उत्सव: मां सरस्वती पूजा के साथ मेले का आयोजन
शहपुरा. नवोदय विद्यालय धमनगांव में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना के साथ बसंत पंचमी का आयोजन किया गया। इसमें सर्वप्रथम प्राचार्य सुभाष महोबिया के द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प समर्पित कर विद्यार्थियों के लिए अच्छी शिक्षा की कामना की गई। इस अवसर पर छात्र छात्राओं ने महात्मा गांधी और निराला जी के जीवन पर प्रकाश डाला।
बसंत पंचमी के साथ ही महात्मा गांधी की पुण्यतिथि और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के जयंती भी आयोजित की गई। इस अवसर पर साहित्य जीवन और कृतित्व पर छात्र छात्राओं ने अपने विचारों को व्यक्त किया । साथ ही निराला जी की कविताओं का वाचन भी किया। कार्यक्रम में प्राचार्य सुभाष महोबिया ने बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला तथा महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में योगदान पर चर्चा की। हिंदी के छायावादी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता पाठ के साथ प्रकृति के साथ सामंजस्य पर अपने विचारों को व्यक्त किया। छात्र छात्राओं ने बसंत पंचमी के उत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया। इसके अलावा दोपहर बाद विद्यालय के छात्र छात्राओं ने पतंग उड़ा कर इस पर्व को ना केवल उत्साह से सराबोर किया साथ ही बसंत पंचमी के महत्व एवं गरिमा को भी साकार किया। पतंग उड़ाने के बाद विद्यालय के छात्र छात्राओं ने भजन प्रतियोगिता में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने प्रतियोगिता का जमकर लुत्फ उठाया।
सरसवाही में भरा मेला
शहपुरा डिंडौरी मुख्य मार्ग मे स्थित ब्रजेश्वरी मंदिर में मेले का आयोजन किया गया। लोगो ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया और खरीददारी की । इसके अलावा ग्राम पंचायत मोहनी माल के पोषक ग्राम सरसवाही में भी मेेले का आयोजन किया गया था मान्यता अनुसार यहां पर एक कुंआ बना हुआ है। जिसके पानी से स्नान करने से खुजली आदि रोग दूर हो जाते है।
इस कुण्ड को सरस्वती कुण्ड के नाम से भी बुलाते है। बंसत पंचमी के दिन यहां पर सरस्वती पूजन के अलावा मेले का भी आयोजन किया जाता है। जिसमें आसपास के ग्रामीण मेले में पहुंच इस कुण्ड के दर्शन के साथ मेले का भी आंनद उठाते है।
शिशु मंदिर में मनाई गई बसंत पंचमी
गाड़ासरई. बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सावरकर सरस्वती शिशु मंदिर गाड़ासरई में माँ वीणा वादनी का पूजन एवं पाटी पूजा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। जिसमें समिति के कोषाध्यक्ष बैजनाथ साहू एवं विद्यालय के प्राचार्य दीदी के साथ सभी भैया बहनों के द्वारा माँ वीणा वादनी की पूजन कार्य कराया गया । यह पर्व विद्यालय का सबसे शुभ पर्व माना जाता है। इसी दिन से ही विद्यालय में नवीन प्रवेश की प्रक्रिया का शुभारंभ किया जाता है। विद्यालय में नए भैया बहनों को जो पालक भर्ती कराना चाहते है वे पालक विद्यालय परिसर में आकर या किसी आचार्य विधियों के माध्यम से प्रवेश दिला सकते है।
Published on:
31 Jan 2020 05:48 pm
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