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जंगलों मे लगी आग वन संपदा हो रही नष्ट

आग से झुलसे रहे पेड

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Fire

Forest fire

डिंडोरी। जिले मे आग से वनों की सुरक्षा को लेकर वन अमले का गैर जिम्मेदाराना रवैया बरकार है। हर वर्ष आग की चपेट में आने से हजारों की संख्या में हरे भरे पेड़ नष्ट हो रहे हैं। नये पौधे भी आग की चपेट में आने से पेड़ का रूप लेने से पहले नष्ट हो जाते हैं। हर साल बड़ी तादात में पेड़ों का आग से नष्ट होना वन विभाग का जंगलों की सुरक्षा और जंगल के प्रति सजगता पर सवालिया निशान लगाता है। ऐसा नहीं कि जंगल मे आग लगने की खबर तैनात बीट प्रभारी या जिम्मेदार वन विभाग के अधिकारियों को नहीं रहती। बल्कि जानकारी होने के बावजूद भी समय पर आग बुझाने की कवायद शुरू न करने से आग विकराल रूप ले लेती है और पेड़ों को अपनी चपेट में ले राख में तब्दील करती है। वहीं सैकड़ों पेड़ आग की तपन से झुलस जाते हैं। गांव-गांव मे जंगलों की सुरक्षा को लेकर वन समितियां गठित की गई हैं। लेकिन अधिकतर गांवों मे गठित समितियां सिथिल हैं इस वजह से भी जंगलों की सुरक्षा मे कमी देखी जा रही है। विभाग द्वारा भले ही जंगलों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर बड़ी-बड़ी बातें की जाती है। लेकिन गर्मी के मौसम के आते ही जंगल में लगी आग और धू-धू कर जलते पेड़ विभाग की कलई खोल देते हैं। गुरूवार को दक्षिण समनापुर के देवलपुर के भर्रा टोला के नजदीक जंगल में आग लगी थी और इसकी लपटें काफी दूर से दिखाई पड़ रही थी। साथ ही धुंआ का गुब्बार भी आसमान में देखा जा रहा था। इसके साथ ही समनापुर परिक्षेत्र से महज 2 किलोमीटर दूर सुंदरपुर और केवलारी के मध्य पहाड़ी में भी आग लगी हुई थी जिसका धुआ का गुब्बार काफी दूर से देखा जा सकता था। लेकिन नजदीक ही परिक्षेत्र कार्यालय होने के बावजूद भी वन अमला आग बुझाने नहीं पहुंचा। इसी तरह डिंडोरी-मंडला रोड में हर्रा के नजदीक सागौन के पेड़ वाले जंगल मे भी दो दिन पूर्व आग लगी थी जिसकी चपेट में आने से हजारों पेड़ झुलस गये। रात में ठंड तो दोपहर में सूरज की तपन
गोरखपुर। करंजिया विकासखंड के अंतर्गत गोरखपुर कस्बा मे मौसम के बदलाव और ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ में रात में ठंड और दिन में गर्मी की धूप चुभने लगी है। जिससेे जन जीवन को गर्मी प्रभावित करने लगी है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में अधिक तपन और तेज गर्मी से लोग बेचैन हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। दिन में भी तेज धूप खिल रही है जिसकी चुभन से बचने के लिये लोग छाया लेकर निकलते हैं। बता दें की तापमान में उतार चढ़ाव के साथ ठंड के मिजाज मे भी बदलाव आ रहा है। सुबह और रात को ठंड का जोर होता है तो दिन गर्मी की चुभन पैदा कर रहा है। सोमवार के दिन का तापमान 37 डिसे. के साथ सुबह से खिली धूप चुभन भरी रही जिससे गर्मी का एहसास कराया है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोग इससे बचने के उपाय करने लगे हैं। ठंड और गर्म होते वातावरण की वजह से बाजारों मे व्यवसायियों के पास पंखा कूलर की मांग बढ़ गई है। दिन व दिन मौसम मे गर्माहट बढऩे से मच्छरों की संख्या में वृद्धि होने लगी है। घनी आवादी और गंदी नालियों वाले क्षेत्रों मे मच्छरो ने अभी से हमला बोलना शुरू कर दिया है। इसलिये नागरीक रात को ठंड के बावजूद मच्छरों से बचने के लिये पंखे व कूलरों के उपयोग करने लगे हैं।