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सेहत सखियां और आशा सहयोगिनी करेंगी महिलाओं को जागरूक

ग्रामीण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन दे रहा है चार दिवसीय प्रशिक्षण

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Health workers and Asha Sahyogini will make women aware

Health workers and Asha Sahyogini will make women aware

डिंडोरी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण आहार को संतुलित कर बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने की दिशा में सरकार कई तरह की योजनाओं का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों में कर रही है। इसी क्रम में सहभागी सीख एवं क्रियान्वयन पीएलए के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सेहत सखियों के रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनके साथ ही आशा सहयोगियों को भी मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों से प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर के मेहरा ने बताया कि फिलहाल यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के दो विकास खंडों डिंडोरी समनापुर के लगभग 300 गांवों में संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम न्यूसिड संस्था जबलपुर के द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। संस्था के प्रशिक्षक उमा गणेश लोधी ने बताया कि इसके अंतर्गत चार दिवसीय प्रशिक्षण महिलाओं को दिए जा रहे हैं। सेहत सखियों के रूप में प्रशिक्षित यह ग्रामीण महिलाएं अपने ग्राम स्तर पर अन्य महिलाओं को जागरूक करने, सही पोषण आहार की जानकारी देने तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जानकारी के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी मार्च महीने तक किए जाएंगे।
इनका कहना है.
न्यूसिड संस्था के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेहत सखियों एवं आशा सहयोगी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है । प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाना संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना तथा पोषण आहार को संतुलित करते हुए ग्रामीण महिलाओं की सेहत में सुधार लाना है।
डॉ. आर के मेहरा, सीएमएचओ डिंडोरी