
Instead of getting children to work, motivate them for education, education is the only means of success.
डिंडोरी. बाल संवर्धन एवं संरक्षण सप्ताह अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति सीनियर बालिक छात्रावास डिंडोरी में नालसा योजनाएं 2015 विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में उत्त्तम कुमार डार्वी जिला न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चों के व्यक्तिव का समग्र विकास के लिए केवल शिक्षा ही एक मात्र साधन है। बच्चों से काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। बाल मजदूरी अधिनियम अंतर्गत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी न करवाए जाने एवं उन्हें शिक्षित किये जाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम व शिक्षा का अधिकार एवं बाल न्याय कानून में दांडिक प्रावधानों व नालसा टोल फ्री नंबर 15100, नि:शुल्क विधिक सहायता के अंतर्गत जानकारी दी गई। कमलेश कुमार सोनी तृतीय जिला न्यायाधीश ने बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार, विकास का अधिकार संरक्षण का अधिकार एवं यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम 2012 एवं नि:शुल्क विधिक सहायता एवं अपराध पीडित प्रतिकर योजना 2015 के संबंध में जानकारी प्रदान की तथा शालात्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों को शाला में प्रवेश दिलाए जाने के संबंध में किए गए प्रयासों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। शिविर में एनजीओ जन साहस की निकिता नेमा ने बताया कि चाइल्ड लाइन महिला एवं बाल विकास की परियोजना है जो कि 18 वर्ष के बेबस व बेसहारा बच्चों की मदद के लिए है। यह 24 घंटे चलने वाली मुफ्त आपतकालीन राष्ट्रीय फोन सेवा है, जिसका निंबर 1098 है। शिविर में वंदनाकरचाम कस्तूरबा गांधी छात्रावास अधीक्षक, गिंदिया धुर्वे सीनियर बालिक छात्रावास अधीक्षक, छात्रा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
Published on:
08 Jul 2023 12:19 pm
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