डिंडोरी. गांव का विकास कैसे हो और वहां निवास कर रहे ग्रामीणों को रोजगार के साधन से लेकर खेती को लाभप्रद बनाने व पंचायत के दूसरे मूलभूत सुविधाओं का लाभ आमजनों को दिलाने के लिए गांव में ही संसद बैठेगी। जहां तय होगा कि गांव का समुचित विकास कैसे हो। इतना ही नहीं गांव के विकास के लिए पंचवर्षीय योजना अब देश व प्रदेश की राजधानी में नहीं बल्कि ग्राम पंचायत में ही बैठकर गांव की जनता द्वारा बनाई जाएगी।
गांव के समुचित विकास के लिए प्रारंभ होने वाली विशेष योजना पूरे प्रदेश में 14 अप्रैल से ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के रूप में प्रारंभ हो रही है। जिसमें 23 मई तक सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर हितग्राहीमूलक योजनाओं तथा कृषि कार्य योजना और ग्राम पंचायत विकास योजना पर चर्चा होगी। इस बीच ग्रामीणों की ऐसी समस्याएं जो विभागों से जुड़ी है, उसका भी निराकरण किया जाएगा।
23 से 31 मई के बीच ग्राम संसद में प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्रवाई का प्रस्तुतिकरण ग्राम पंचायत स्तर पर ही किया जाएगा। ग्राम संसद में पांच वर्षीय विकास कार्य योजना बनाई जाएगी, ग्राम पंचायत की परिसंपत्तियों और हितग्राहीमूलक योजना में पात्रता के सत्यापन संबंधी कार्रवाई की जाएगी, इस अवधि में समग्र डाटाबेस तथा आधार पंजीयन पर का काम भी होगा, ग्राम संसद में दिव्यांगों की पहचान तथा उन्हें आवश्यक उपकरण दिया जाएगा, आबादी पटटों का वितरण और भूमि का सीमांकन किया होगा, पेंशन वितरण, छात्रवृत्ति वितरण, आधार पंजीयन, राशन कार्ड में पात्र सदस्यों को जोडऩे से लेकर जॉब कार्ड बनाने तथा नाम जोडऩे व किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी सहित शासन की दूसरी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।