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सचिव के खिलाफ ग्रामीण लामबंद, सीईओ को सौंपी ५९ लिखित शिकायत

जनपद पंचायत करंजिया की ग्राम पंचायत चंदना का मामला

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Rural mobilized against the secretary, 59 written complaints submitted to the CEO

Rural mobilized against the secretary, 59 written complaints submitted to the CEO

करंजिया. शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्ना जन हितेषी योजनाएं संचालित की जा रही है अधिकांश योजनाओ का संचालन ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जाता है ताकी योजनाओ का लाभ ग्रामीणो को मिल सके। ग्राम पंचायत के जबाबदारो द्वारा ग्रामीणो तक सीधा लाभ पहुंचाने मे लापरवाही कि जाती है। कुछ ऐसा ही मामला जनपद पंचायत करंजिया अन्तर्गत ग्राम पंचायत चंदना का भी प्रकाश में आया है। जहां योजनाओं का समुचित लाभ न मिल पाने की वजह से ग्रामीणों में अच्छी खासी नाराजगी देखने मिल रही है। शासन की योजनाओं में बंदरबाट किए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सचिव के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। पूरी तरह लामबंद होकर करीब 100 महिलाए एवं पुरुष जनपद पंचायत कार्यालय करंजिया पहुंच गए। जहां महिलाओ के द्वारा लगभग 59 शिकायतो की प्रति कार्यालय मे दी है। साथ ही शिकायतो की निष्पक्ष जांच कर कार्यावाही कि मांग की है। कार्यवाही न होने और मामले मे लीपापोती होने पर उग्र आंदोलन की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
सचिव पर मनमानी के लगाए आरोप
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत सचिव ग्राम पंचायत के सभी कार्यों में अपनी मनमानी करते हैं। सभी सचिव की कार्यप्रणाली से परेशान हो गए हैं। सचिव कभी भी समय पर पंचायत नहीं पहुंचते हैं। उनके कार्यालय समय पर न पहुचने से पंचायत के सभी कार्य बाधित होते हैं। शासन द्वारा चलाई जा रही योजना आवास योजना, शौचालय निर्मान, मजदूरी भुगतान, मेढबंधान, समग्र आई डी, पेंशन, राशन कार्ड के जरूरी दस्तावेतो मे सचिव के हस्ताक्षर न होने की वजह से ग्रामीणों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों के द्वारा जब इस संबंध में बोला जाता है तो सीधे जवाब मिलता है कि जहां शिकायत करनी है कर दो। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके द्वारा शिकायत भी की जाती है तो उसमें लीपापोती कर दबा दिया जाता है।
कार्यवाही की मांग
ग्रामीणों ने कहा है कि ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा योजनाओं में अनियमितताएं की जा रही हैं। यदि अधिकारियों के द्वारा जल्द मामले की सुनवाई नहीं की जाती है तो वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने के साथ ही ग्रामीण सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे ।
योजनाओं के लाभ से वंचित ग्रामीण
ग्रामीणो ने बताया की पीएम आवास योजनान्तर्गत पात्र हितग्राहियो को योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। सूची मे नाम होने और आवेदन देने पर भी हितग्राहीयो को भगा दिया जाता है। कई आवासो के काम होने के बाद भी आगे कि किश्त नही दी जा रही है इसके लिए ग्रामीण ग्राम पंचायत के चक्कर लगा-लगा कर परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामों में सुविधाघरों का निर्माण नहीं कराया गया है। जिसके चलते ग्रामीणों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। सचिव के द्वारा सही जानकारी नही दी जाती है। इसी तरह समग्र आईडी मे नाम जुड़वाने, नाम में सुधार करवाने, जन्मतिथि सुधार कराने के लिए हितग्राही सचिव के चक्कर काटते रहते हैं परंतु उनके द्वारा सुधार का कार्य नहीं किया जाता है। जिससे बच्चों को स्कूल में समस्या का सामना करना पड़ता है। नए परिवार जोडऩा एवं परिवार विभक्त करने के भी कई मामले ग्राम पंचायत में अभी तक लंबित पड़े हुए हैं। राशन कार्ड बनवाने के लिए एवं बीपीएल में नाम जुड़वाने ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं सचिव के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है साथ ही कई पत्रों में भी जहां सचिव के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है सचिव के द्वारा नहीं किए जाते हैं। जिससे हितग्राही परेशान होते हैं। वही कई मजदूरों के मेढबंधान एवं अन्य निर्माण कार्यों की मजदूरी भुगतान आज तक नहीं किया गया है। कई वृद्ध एवं विधवाओं के पेंशन भी बंद है।
इनका कहना है
शिकायतें प्राप्त हुई हैं अधिकांश शिकायतें आवास से संबंधित हैं शिकायतों का जल्द ही निराकरण किया जाएगा।
भोला सिंह मरावी, सीईओ जनपद पंचायत करंजिया
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सचिव द्वारा ग्राम पंचायत में अनियमितता एवं मनमानी की जा रही है जानकारी लेने पर सही ढंग से जवाब भी नहीं दिया जाता है।
रोशनी टांडिया, महिला कांग्रेस करंजिया।
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मेढबंधान की आज तक मजदूरी नहीं दी गई है। सचिव यह भी नहीं बताते कि कब तक भुगतान किया जाएगा।
मान सिंह, ग्रामीण चंदना
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पीएम आवास स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं और अधूरे पड़े आवासों की अगली किस्त भी खाते में नहीं डाली जा रही है।
संतोष मरावी, ग्रामीण चंदना