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सुहनिया दीदी गांव की महिला किसानों के लिए बनी प्रेरणा, कम खर्च में अधिक कमाने का बता रहीं तरीका

उन्नत तकनीक से उत्पादन कर 30 महिला किसान कमा रहीं मुनाफाडिंडौरी. ग्राम दुधेरा ग्राम पंचायत बम्हनी निवासी महिला किसान सुहनिया धुर्वे ने अपने आजीविका संवर्धन के लिए उन्नत तकनीक एवं जैविक विधि से सब्जी की खेती कर एक सफल महिला किसान के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। सुहनिया दीदी ने कम जमीन से […]

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उन्नत तकनीक से उत्पादन कर 30 महिला किसान कमा रहीं मुनाफा
डिंडौरी. ग्राम दुधेरा ग्राम पंचायत बम्हनी निवासी महिला किसान सुहनिया धुर्वे ने अपने आजीविका संवर्धन के लिए उन्नत तकनीक एवं जैविक विधि से सब्जी की खेती कर एक सफल महिला किसान के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। सुहनिया दीदी ने कम जमीन से अधिक उत्पादन करने के लिए अपनी बाड़ी के 5 डिसमिल रकबा में शेड नेट का निर्माण कराया। शेड नेट के साथ सुहनिया धुर्वे ने कृषि की उन्नत तकनीक जैसे टपक सिंचाई, मलचिंग एवं मचान निर्माण भी किया। शेड नेट से फसल मौसम की मार जैसे अधिक गर्मी, अधिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से सुरक्षित रही एवं कीट प्रबंधन भी बेहतर हुआ, इससे उत्पादन अधिक हुआ। सुहनिया दीदी ने बताया कि उन्नत तकनीक और जैविक खेती से उपज की गुणवत्ता बढ़ी और कीटनाशक का खर्च भी कम हुआ। टपक सिंचाई से खेती में जल प्रबंधन सुनिश्चित हुआ, मिट्टी का कटाव रुका एवं सिंचाई की लागत कम हुई। सुहनिया दीदी स्वयं तो एक उन्नत महिला किसान हैं ही साथ ही उन्होंने ग्राम की अन्य महिलाओं को भी उन्नत एवं जैविक विधि से सब्जी उत्पादन कर आजीविका संवर्धन में सहयोग किया है। ग्राम में कुल 30 महिला किसान उन्नत तकनीक से सब्जी उत्पादन कर अच्छा मुनाफा कमा रहीं हैं।
जीवन में हुआ बदलाव
शेड नेट एवं उन्नत विधि से सब्जी खेती कर सुहनिया दीदी और ग्राम की अन्य महिला किसानों ने दो सीजन में अच्छी आमदनी की है। अब सुहनिया दीदी अपने और आसपास के ग्रामों की महिला किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं हैं। वह महिलाओं को भी किसान की पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। सुहनिया दीदी अपने जीवन में आए सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव का श्रेय अपनी मेहनत एवं लगन के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूह, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं प्रदान एनजीओ को भी देती हैं। उनका कहना है इन संस्थाओं से निरंतर मिलने वाले अनेक प्रशिक्षण, एक्सपोजर विजिट एवं आवश्यकता अनुसार वित्तीय सहयोग के चलते जो ज्ञान और आत्मविश्वास मिला है, उसी से मेरे जीवन एवं ग्राम की अन्य महिला किसानों के जीवन में यह बदलाव संभव हुआ है।