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ठेकेदार द्वारा निर्माणाधीन सड़क में डाली गई लाल मिट्टी में फंस रहे वाहन

पैदल चलना हुआ मुश्किल, लंबे समय से काम बंदग्रामीण, स्कूली बच्चे, किसान हो रहे परेशानी, मनमानी कर रहा ठेकेदार

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Vehicles trapped in red clay inserted in the road under construction by the contractor

file photo

गोरखपुर. विकास खण्ड करंजिया अंतर्गत कस्बा गोरखपुर से गोपालपुर तक निर्माणाधीन सड़क पर ठेकेदार के द्वारा डाली गई लाल मिट्टी क्षेत्रीय नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। खस्ताहाल सड़क से पहले ही क्षेत्र के दर्जन भर गांवो के लोग प्रभावित व परेशान थे। अब निर्माझा कार्य शुरु होने से उनकी परेशानी कम होने की वजाय और बढ़ गई है। सोमवार की देर रात हुई बारिश के बाद मंगलवार की सुबह बटई नाला के समीप का नजारा देखते ही बन रहा था। लाल मिट्टी के बीच से वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा था। कई वाहन तो उसी में फंस गए बड़ी मशक्कत के बाद उन्हे वहां से निकाला गया। ठेकेदार की कार्यप्रणाली और मनमानी पूर्वक कार्य करने से ग्रामीणों में रोष पनपने लगा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार के द्वारा निर्माण कार्य को बीच में ही बंद कर दिया गया है। जिससे समस्या बढ़ गई है।
भुनकी तक बननी थी पक्की सड़क
ग्रामीणों की माने तो जब इस मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था तो उन्हे कंपनी के लोगों द्वारा बताया गया था कि बारिश के पूर्व गोरखपुर से भुनकी गांव तक पक्के मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। लेकिन अभी तक ऐसा हो नहीं पाया है। पक्का मार्ग तो दूर की बात है जितने में निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था वहां अभी तक ठीक तरह से गिट्टी तक नहीं बिछाई गई। जबकि मार्ग में गिट्टियों के ढ़ेर लगे हुए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति भुसंडा से भुनकी तक है। यहां मिट्टी वाली मुरुम और लाल मिट्टी डाल दी गई है। जहां से पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है वहां दो पहिया वाहन चालक तो कीचड़ में फिसल कर घायल हो रहे हैं। हालत यह है कि जरा भी नजर चूकने पर किसी भी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
गोरखपुर पहुंचना हुआ मुश्किल
ग्रामीण बंजारी परस्ते, नैनसिंह मरावी ने बताया कि बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए बस से गोरखपुर जा रहा था भुसंडा गांव के पास बस दल-दल में फंस कर खेत की तरफ मुड़ गई। उस समय बस में अधिक यात्री थे। गनीमत थी कि बस पलटी नहीं अन्यथा बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। यात्रियों ने गोरखपुर तक पैदल यात्री की। इसी तरह सेन कुमार ने बताया कि खाद बीज के लिए गोरखपुर जा रहा थ्ज्ञा। लेकिन कोई वाहन नहीं मिल रहा है। आटो वाले भुसंडा तक ही आ रहे हैं। फसलो की बोनी का अच्छा समय है। इस क्षेत्र के दर्जनो गांवो के लोगों का काम गोरखपुर कस्बा में रहता है। रोजाना सैकड़ो लोग उस मार्ग से आना-जाना करते हैं। यदि बरसात मौसम के प्रारंभ में ही यह स्थिति है तो आगामी दिनो में क्या होगा कस्बा से तो हमारा संपर्क की टूट जाएगा।
वाहन हो रहे क्षतिग्रस्त
इस मार्ग पर आवागवन करने वालों का कहना है कि गोरखपुर से भुनकी तक वाहन चलाना अब आसान नहीं है। एक तरफ तो कहां पर क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता है वहीं वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कई लोगों ने दोपहिया वाहन से सफर करना ही बंद कर दिया है। निर्माणाधीन मार्ग की स्थिति इतनी खराब है कि नुकीली गिट्टी से नए-नए टायर में कट लग रहे हैं। सबसे ज्यादा फजीहत स्कूल के विद्यार्थी और सरकारी कर्मचारियों की है।
पलटने से बची बस
डिंडौरी से शहडोल की ओर जा रही बस सड़क से उतरकर पलटने से बची। यात्रियों से भरी बस में झटका लगते ही अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और बाहर निकलने की भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसारए गत दिवस हुई भारी बारिश से सड़क कीचड़ से सन गई है। बस में सवार यात्रियों के अनुसारए नफीस ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 18 पी 0364 शहडोल की ओर जा रही थी लेकिन रोड में कीचड़ होने के कारण फंस गई और पलटने से बच गई। वहीं दुर्घटना के बाद यात्री बहुत देर तक गंतव्य की ओर जाने के लिए वाहनों का इंतजार करते रहे।