हेल्थ एक्सपर्ट्स हमें डाइट में अलग-अलग रंग के फूड्स खाने (benefits of colourful foods) की सलाह देते हैं। क्योंकि हर रंग के फूड्स में अलग-अलग गुण पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर की जरूरतों को पूरा करते हैं साथ ही शरीर के सिस्टम को सही रखते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स कब्ज से छुटकारा (Kabj se chhutkara) पाने के लिए पील रंग के फूड्स खाने की सलाह देते हैं।
हेल्थ एक्सपर्ट्स हमें डाइट में अलग-अलग रंग के फूड्स खाने (benefits of colourful foods) की सलाह देते हैं। क्योंकि हर रंग के फूड्स में अलग-अलग गुण पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर की जरूरतों को पूरा करते हैं साथ ही शरीर के सिस्टम को सही रखते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स कब्ज से छुटकारा (Kabj se chhutkara) पाने के लिए पील रंग के फूड्स खाने की सलाह देते हैं।
पीले रंग के खाद्य पदार्थ खाने के फायदे Benefits of yellow foods
पीली रंग की चीजों को खाने के कई फायदे हैं। पीली शिमला मिर्च, नीबू, अनानास जैसे खाद्य पदार्थों में विटामिन सी प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। जो हमारे इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं।
अनानास के फायदे Benefits of pineapple
पीले रंग के अनानास में विटामिन सी, मैंगनीज और एंजाइम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। जो पाचन को दुरूस्त करने और कब्ज (Yellow foods remove constipation) को दूर करने में कारगर है।
आम Benefits of Mango
फलों का राजा आम कब्ज को दूर करने में लाभदायक है। इसमें विटामिन, फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। यह हमारे पाचन को मजबूत बनाता है।
हल्दी है फायदेमंद Benefits of Turmeric
कब्ज को दूर करने में हल्दी काफी लाभदायक है। इसलिए रोजाना एक चुटकी हल्दी के सेवन से इम्यूनिटी बूस्ट होता है। साथ ही सूजन से राहत पाने में मदद मिलती है।
केला Benefits of Banana
पीले रंग का फल केले में विटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर और सिंपल शुगर पाया जाता है। यह कब्ज को दूर करने में फायदेमंद है।
नींबू के फायदे Benefits of Lemon
खट्टा पीला नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। साथ ही इसमें भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। जो कब्ज को दूर करने में लाभदायक हैं।
देसी घी Benefits of Ghee
देसी घी पाचन को मजबूत करने में लाभदायक है। साथ ही यह कब्ज को दूर करता है। यह हार्ट और स्किन के भी फायदेमंद है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर लेलें।