
बच्चा देरी से बोलना शुरू करता है और बातों पर ध्यान नहीं देता है तो वह ऑटिज्म से पीड़ित हो सकता है।
लक्षण : ऑटिज्म को डवलपमेंटल डिसऑर्डर भी माना गया है। इसमें बच्चा अकेले खेलना, रहना और समय व्यतीत करना पसंद करता है। वह निर्जीव वस्तुओं के साथ ज्यादा समय बिताता है।
प्रमुख कारण -
मां की उम्र 35 और पिता की उम्र 40 से ज्यादा है। बच्चे के किसी भाई-बहन को यह बीमारी है। दूसरे जेनेटिक डिसऑर्डर या फिर बच्चे में पोषक तत्त्वों की कमी।
उपचार -
ऑटिज्म का इलाज एक टीम करती है जिसमें चाइल्ड स्पेशलिस्ट, चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट, ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट, स्पेशल एजुकेटर और स्पीच थैरेपिस्ट होते हैं। इसमें सबसे कारगर बिहैवियर थैरेपी होता है।
डायग्नोसिस -
ऑब्जरवेशन और साइकोलॉजिकल टैस्टिंग से आटिज्म को डायग्नोज किया जाता है। चाइल्डहुड आटिज्म रेटिंग स्केल (कार्स) एक महत्त्वपूर्ण और सबसे ज्यादा उपयोग में लिया जाने वाला साइकोलॉजिकल टैस्ट है।
पेरेंट्स के लिए टिप्स -
यदि किसी को लगता है कि उनके बच्चे को ऑटिज्म जैसे लक्षण हैं तो चाइल्ड स्पेशलिस्ट या चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से संपर्क करें। बच्चे को अधिक समय दें। उसे बाहर जाने और ज्यादा लोगों से मिलने को प्रेरित करें।
Published on:
29 Jul 2019 07:23 pm
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