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हो जाएं सावधान, इस वजह से शरीर को हो सकता है लकवा

इसके प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में दर्द, सांस फूलना, घबराहट, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक पसीना आना आदि शामिल हैं।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Feb 17, 2019

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इसके प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में दर्द, सांस फूलना, घबराहट, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक पसीना आना आदि शामिल हैं।

हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) आधुनिक जीवनशैली में एक बड़ी समस्या बन गया है। पहले जहां हाई ब्लडप्रेशर की समस्या 40 साल की उम्र के बाद होती थी। वहीं अब ये युवाओं को भी होने लगी है। खराब दिनचर्या, लगातार तनाव, फास्ट फूड, शारीरिक श्रम का अभाव इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हैं। कई मामलों में आनुवांशिकता के कारण भी हाई ब्लडप्रेशर की समस्या कम उम्र में हो सकती है।

इसके प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में दर्द, सांस फूलना, घबराहट, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक पसीना आना आदि शामिल हैं। हाई ब्लड प्रेशर के अत्यधिक बढ़ने पर लकवा या बे्रन हेमरेज जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। होम्योपैथी दवाएं ब्लडप्रेशर के इलाज में प्रभावी हैं।

इस चिकित्सा पद्धति में कम उम्र के लोगों में ब्लडप्रेशर को जड़ से ठीक किया जा सकता है और अधिक उम्र के लोगों में आसानी से नियंत्रित रखा जा सकता है। हाई ब्लडप्रेशर में काम आने वाली प्रमुख दवाएं हैं- कैलकेरिया कार्ब, फोसफोरस, लेकेसिस, राउलफिया, डिजिटैलिस, कोनियम मैक और टरमिना अर्जुना आदि। उचित लाभ के लिए जरूरी है कि दवाइयां सही मात्रा और उचित पोटेंसी में दी जाएं इसलिए इनका प्रयोग विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करें।