14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Report : चौंकाने वाली खबर , हर चार मिनट में इतनी महिलाओं को होता है स्तन कैंसर

Health news and health tips : Breast Cancer Detected Every Four Minutes in Women : भारत में हर चार मिनट में एक महिला को स्तन कैंसर का पता चलता है, जबकि कैंसर से पीड़ित महिलाओं की औसत आयु उनके पश्चिमी समकक्षों की तुलना में लगभग एक दशक कम है।

2 min read
Google source verification
Breast Cancer Detected Every Four Minutes in Women

Health news and health tips : Breast Cancer Detected Every Four Minutes in Women

Health news and health tips : Breast Cancer Detected Every Four Minutes in Women : भारत में हर चार मिनट में एक महिला को स्तन कैंसर (Breast Cancer) का पता चलता है, जबकि कैंसर से पीड़ित महिलाओं की औसत आयु उनके पश्चिमी समकक्षों की तुलना में लगभग एक दशक कम है।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के एचओडी प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने ग्लोबोकैन 2020 अध्ययन का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।

प्रोफेसर मिश्रा ने कहा, "भारत में स्तन कैंसर (Breast Cancer) की घटनाओं में वृद्धि ने रोगियों के इलाज के लिए योग्य स्तन सर्जनों की आवश्यकता में नाटकीय रूप से वृद्धि की है।"

यह भी पढ़े-हर समय थकान महसूस होती है? इन 8 पोषक तत्वों की कमी हो सकती है जिम्मेदार

कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर मिश्रा ने कहा, "केजीएमयू ब्रेस्ट अपडेट 2023, शुक्रवार से शुरू होने वाला दो दिवसीय सम्मेलन 'आओ ऑन्कोप्लास्टी करें' थीम के (oncoplastic surgery techniques) तहत प्रारंभिक स्तन कैंसर (Breast Cancer) निदान और ऑन्कोप्लास्टिक सर्जरी तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करेगा।"

सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. कुल रंजन सिंह ने कहा, “नई प्रौद्योगिकियों ने स्तन कैंसर (Breast Cancer) की शीघ्र पहचान करने के तरीके को बदल दिया है, और उपचार सर्जरी से स्तन-संरक्षण सर्जरी तक बदल गया है। ऑन्कोप्लास्टिक स्तन सर्जरी (Oncoplastic breast surgery) में नई सर्जिकल तकनीकें शामिल हैं जो स्तन के आकार और समरूपता को बनाए रखते हुए कैंसर के इलाज को अनुकूलित करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी के साथ कैंसर सर्जरी ( breast-conserving surgery) के सिद्धांतों को जोड़ती हैं।

यह भी पढ़े-क्या आपकी दिल की धड़कन अनियमित है? जानें इस समस्या का समाधान!

एससी त्रिवेदी मेमोरियल ट्रस्ट अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिता शुक्ला ने कहा, “भारत में महिलाएं आमतौर पर बीमारी से संबंधित लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं। देरी से निदान का एक कारण यह है और दूसरा, वे तब तक इलाज से बचते हैं जब तक कि इससे उन्हें परेशानी न हो।”

(आईएएनएस)

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल