
ठंड लगने के साथ बुखार आना, सिरदर्द, बदन व जोड़ों में दर्द, उल्टी होना डेंगू के लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में नाक से खून भी निकल सकता है।
Dengue Virus: मौसम में हुए बदलाव के साथ डेंगू के रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगती है। संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने के 3-14 दिन बाद लक्षण दिखने शुरू होते हैं। ठंड लगने के साथ बुखार आना, सिरदर्द, बदन व जोड़ों में दर्द, उल्टी होना डेंगू के लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में नाक से खून भी निकल सकता है।
रखें थोड़ा एहतियात -
डेंगू एक वायरसजनित रोग है। यह डेंगू वायरस की चार प्रजातियों में से किसी एक से होता है। जब रोगी डेंगू बुखार से ठीक हो जाता है तब मरीज को सम्बंधित डेंगू वायरस से लम्बे समय के लिए प्रतिरोधक क्षमता मिल जाती है लेकिन अन्य 3 डेंगू वायरस से यह दोबारा हो सकता है। दूसरी बार होने वाले डेंगू के गंभीर होने की आशंका ज्यादा रहती है। कुछ बातों को ध्यान में रखकर इसे दोबारा होने से रोका जा सकता है।
बचाव ही उपाय -
डेंगू की कोई वैक्सीन नहीं है। रोगी को बुखार के लक्षण के आधार पर दवा दी जाती है।
रोगी को अधिक से अधिक लिक्विड चीजें जैसे पानी, ग्लूकोज व अन्य पेय पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
बुखार के लिए डॉक्टरी सलाह पर पैरासिटामॉल ले सकते हैं। बुखार और सिरदर्द होने पर एस्प्रिन या बू्रफेन न लें।
इस रोग में प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगती हैं। ऐसे में विशेषज्ञ की सलाहनुसार इसकी जांच कराएं।
मच्छरों से बचाव ही इस रोग का इलाज है। ऐसे में जरूरी है कि घर के अंदर और आसपास पानी न जमा होने दें।
कूलर का पानी रोजाना बदलें।
खिड़की और दरवाजों पर जाली लगवाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें। शरीर को ढककर रखें। बच्चे बाहर खेलने जाएं तो उनकी त्वचा पर मच्छररोधी क्रीम लगाएं।
दिन में सक्रिय रहते मच्छर -
डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन में अधिक सक्रिय होता है। ऐसे मच्छर ज्यादा ऊपर तक नहीं उड़ पाते हैं। पर्दों के पीछे, अंधेरे में और घर के अंदर शांत पानी में यह प्रजनन करते हैं। पानी सूख जाने के बाद भी इनके अंडे 12 महीनों तक जीवित रहते हैं। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखें कि घर में और आसपास पानी जमा नहीं होने दें और साफ-सफाई रखें।
Published on:
29 Jun 2019 05:44 pm
