
इससे होने वाले प्रभाव को बेरोट्रोमा कहते हैं। कई बार इससे कानों के पर्दे फटने का डर रहता है।
हवाई यात्रा के दौरान कुछ लोगों को फ्लाइट टेक ऑफ या लेंडिंग के समय कान में दर्द, दबाव या कान सुन्न होने की शिकायत होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तेज रफ्तार से अधिक ऊंचाई पर जाने या नीचे आने पर होने वाले दबाव परिवर्तन को शरीर संतुलित नहीं कर पाता। इससे होने वाले प्रभाव को बेरोट्रोमा कहते हैं। कई बार इससे कानों के पर्दे फटने का डर रहता है।
बचाव का तरीका
लेंडिंग के दौरान कुछ निगलते या चबाते रहें क्योंकि इनसे नाक के पिछले भाग व कान के मध्य स्थित युस्टेकियन ट्यूब खुली रहती है। यही वह ट्यूब है जो शरीर के बाहर व अंदर के दवाब परिवर्तन को संतुलित करती है।
जरा संंभलकर
छोटे बच्चों को कुछ पीने को दें ताकि वे निगलते रहें।
जुकाम, खांसी व ठंड लगने पर यात्रा करने से बचें।
लैंडिंग करते समय सोए नहीं।
हवाई सफर शुरू होने से पहले डीकन्जस्टेन्ट गोली व नेजल ड्रॉप स्प्रे का प्रयोग करें ताकि ट्यूब खुली रहे।
Published on:
28 Oct 2018 01:28 pm
बड़ी खबरें
View Allरोग और उपचार
स्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
