पेन किलर का काम करती है हींग, जानिए ऐसे कई फायदे

मूल रूप से हींग को पेट का दोस्त माना जाता है। यह किसी भी प्रकार की अपच और पेट की जटिलता को तुरंत खत्म करता है

मूल रूप से हींग को पेट का दोस्त माना जाता है। यह किसी भी प्रकार की अपच और पेट की जटिलता को तुरंत खत्म करने में मदद करता है। यह भूख को बढ़ाती है। हींग कई विकारों की रोकथाम में भी मददगार है। आइए जानें इसके विशेष गुण...

पेन किलर
किसी भी प्रकार के दर्द में हींग राहत देती है। इससे माइग्रेन का दर्द, दांत का दर्द, माहवारी का दर्द, सामान्य सिर-दर्द दूर किया जाता है। इसमें उपस्थित सशक्त एंटी-ऑक्सीडेंट्स तथा दर्द-निवारक गुण तुरंत दर्द से राहत देते हैं। दांतों के दर्द को कम करने के लिए हींग, नींबू-रस के गाढ़े पेस्ट का उपयोग उस एरिया में करना चाहिए, जहां दर्द हो रहा हो। गर्म पानी में पाउडर हींग को घोल कर पीने मात्र से ही माइग्रेन तथा सिर-दर्द को उड़न-छू किया जा सकता है।



महिला/पुरूषों के रोग
महिलाओं की माहवारी के दौरान पेट व पेड़ू में अचानक उठे दर्द को हींग से कम किया जाता है। यह पेट में होने वाली ऎंठन, अनियमित माहवारी के इलाज में काम में आती है। इसके अलावा हींग की जड़ से केंडिडा इंफेक्शन तथा ल्यूकोरिया का भी इलाज किया जाता है। पुरूषों के यौन संबंधी विकारों को भी हींग से ठीक किया जा सकता है। यह नपुंसकता, अल्प शुक्राणु संख्या तथा प्रीमैच्योर-इजेक्यूलेशन जैसी दिक्कतों को दूर करने में सक्षम है। ग्रामीण इलाकों में मर्दानगी बढ़ाने के लिए हींग को गर्म जल में मिलाकर पीने का चलन है। इससे रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है तथा अल्प रक्तचाप की दिक्कत से फौरन राहत मिलती है।

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स्किन प्रोबल्म
हींग में कई शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमटॉरी एजेंट्स होने की वजह से इसका उपयोग सौन्दर्य प्रसाधन उत्पाद में किया जाता है। यह त्वचा पर पनपने वाले corns और calluses को ठीक करती है। हींग का कूलिंग इफेक्ट त्वचा की जलन को कम करता है और बैक्टीरिया को उत्पन्न नहीं होने देता है।

अपच
अपच हींग को पुराने समय से घरेलू दवा की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह पेट की समस्याओं और अपच की अकेली घरेलू रामबाण औषधि है। यह एंटी-इंफ्लेमटॉरी व एंटी-ऑक्सीडेंट खूबियों से भरपूर होने के कारण पेट की गड़बड़, अपान वायु, आंतरिक कृमि, तथा दस्त संबंधी दिक्कतों में त्वरित राहत देती है।

कैंसर रोधी
हींग के एंटी-ऑक्सीडेंट्स से कोशिकाओं में फ्री-रेडिकल्स को फैलने का मौका नहीं मिलता है। ये रेडिकल्स ही कार्सिनोजेनिक प्रभाव को विस्तार देते हैं, पर हींग एंटी-कार्सिनोजेनिक एजेंट की तरह विभिन्न प्रकार के कैंसर की रोकथाम करती है। खासतौर पर यह बड़ी आंत से जुड़े कैंसर के रोकथाम में अधिक प्रभावी है।

फेफड़े संबंधी रोग
हींग शक्तिशाली श्वसन उत्तेजक और कफ-निस्सारक है। यह गले में जमा हुए कफ तथा छाती के रक्त संकुचन में तुरंत राहत देती है। अगर आपको सूखी खांसी, बलगम या ब्रॉन्काइटिस की शिकायत रहती है, तो हींग, शहद तथा अदरक के मिश्रण के नियमित सेवन से लाभ पहुंचता है।
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राकेश मिश्रा Content Writing
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