
Stay Healthy - 50 की उम्र में फिट रखनी है किडनी ताे साल में एक बार करें ये काम
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर को स्वस्थ रखती है। किडनी(गुर्दे) रोग किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन यह समस्या बढ़ती उम्र में ज्यादा होती है। 30 साल की उम्र के बाद धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता में कमी आती है। 50 की उम्र के बाद साल में एक बार किडनी चेकअप कराना चाहिए। इससे क्रॉनिक किडनी डिजीज के बारे में पता चल जाता है और सही समय पर इलाज शुरू होने से गंभीर रोग से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं किडनी को धीरे-धीरे होने वाले नुकसान के बारे में।
बढ़ती उम्र में डायबिटीज, किडनी में सूजन या घाव, रेनोवस्क्यूलर डिजीज (किडनी की नसें प्रभावित), मूत्रमार्ग में इंफेक्शन, मोटापा और हाई ब्लडप्रेशर जैसे रोगों को बुजुर्ग हल्के में ना लें। समय-समय पर जांच और सही इलाज कराएं। ब्लडप्रेशर कंट्रोल में रखें और कोलेस्ट्रॉल लेवल की नियमित जांच कराएं। धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें और व्यायाम करें।
वजह :
डायबिटीज और हाइपरटेंशन, फैमिली हिस्ट्री, ऐसी कोई बीमारी जिसमें पेशाब कम आ रहा हो या पेशाब में प्रोटीन या रक्त आ रहा हो। आनुवांशिक बीमारी जैसे पॉलिसिस्टिक किडनी जिसमें किडनी में गांठ हो, जन्मजात विकार जो बच्चे को मां के गर्भ से मिला हो। ऑटो इम्यून डिजीज जैसे ल्यूपस जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम ऊत्तकों पर गलत प्रभाव डालता हो। मूत्रमार्ग में स्टोन, प्रोटेस्ट ग्रंथि के बढ़ने से पेशाब की समस्या, बार-बार यूरिन इंफेक्शन और दवाओं का अत्यधिक प्रयोग।
लक्षण :
हाई ब्लडप्रेशर, एनीमिया, नसों का क्षतिग्रस्त होना, कमजोर हड्डियां, घबराहट, भूख ना लगना, आंखों के चारों ओर सूजन व पैरों या घुटने में सूजन, बार-बार पेशाब जाने की इच्छा, सुस्ती व गहरी नींद आना।
डॉक्टरी सलाह
बीपी, डायबिटीज, मोटापा और धूम्रपान करने वाले लोगों को किडनी के रोग होने की आशंका रहती है। इसलिए 40 की उम्र के बाद नमक कम ही खाएं। फल और कच्ची सब्जियां खाएं। सोडा या कोल्ड ड्रिंक ज्यादा ना पीएं। मक्खन, घी, चिप्स, केक और बिस्किट भी कम ही खाएं। रोजाना व्यायाम करें और धूम्रपान से दूर रहें।
Published on:
08 Dec 2018 05:39 pm
