
coffee
सर्दियों के दिनों में जिस कडक़ चाय या कॉफी की तलब लगती है, उसमें मौजूद कैफीन के बारे में भी जान लें। दुनियाभर में हर साल 1 लाख 20 हजार टन कैफीन की खपत हो जाती है। कैफीन पीने से शरीर के एनर्जी लेवल पर बुरा असर पड़ता है। हालांकि यह शुरू में तनाव-थकान को कम करके ऊर्जा स्तर को बढ़ाता है। लेकिन तीन-चार घंटों के बाद असर कम होते ही इसकी तलब दोबारा होने लगती है।
एक कप कॉफी में
१०० मिलिग्राम और एक कप चाय में लगभग ५० मिलिग्राम कैफीन होता है।
यदि आप १०० मिलिग्राम कैफीन हर दिन चाय, काफी, चॉकलेट या ड्रिंक्स के जरिए लेते हैं तो आपको इसकी लत लगने से कोई नहीं रोक सकता।
कहां से मिलता है कैफीन
इसके मुख्य स्रोत हैं: कॉफी,चाय, चॉकलेट और सॉफ्ट ड्रिंक्स
दुनियाभर में कैफीन प्रेमियों का हिसाब-किताब
भारत समेत एशियाई देशों में कैफीन की औसतन प्रति व्यक्ति खपत २०० से ४०० मिलिग्राम तक है जिसका लगभग ७० प्रतिशत हमें चाय से मिलता है।
यूरोपिय देशों में कैफीन की औसतन प्रति व्यक्ति खपत - ४०० से ६०० मिलिग्राम तक है जिसका लगभग ८० प्रतिशत कॉफी से मिलता है।
अमरीका और कनाडा में कैफीन की औसतन प्रति व्यक्ति खपत - २०० से ३०० मिलिग्राम तक है जिसका लगभग ७२ प्रतिशत चाय व कॉफी दोनों से मिलता है।
12 से 17 उम्र के किशोर
कैफीन प्रेमियों में सबसे आगे हैं और हर रोज की अपनी खपत लगातार बढ़ाते जा रहे हैं।
नए जमाने की कैफीन संस्कृति
एक ४५ किलो वजन का बच्चा १७ वर्ष की उम्र तक आते-आते २५ ग्राम या उससे ज्यादा कैफीन लेता जा रहा है।
८० के दशक से तुलना करें तो इस खपत में ७० प्रतिशत इजाफा हुआ है।
कैफीन का सेहत पर असर
कैफीन का नशा हमारे शरीर में ३ से लेकर ७ घंटे तक बना रहता है, इसलिए रात को चाय-कॉफी पीने से परहेज किया जाता है।
कैफीन की अधिक मात्रा आमतौर पर ३०० मिलिग्राम से अधिक लेने से केंद्रीय तंत्रिका प्रणाली के अति-उत्तेजित होने की स्थिति हो सकती है जिसे कैफीन इंटॉक्सीकेशन (कैफीन मादकता) या बोलचाल की भाषा में ‘कैफीन जिटर्स’ कहते हैं।
कैफीन के दुष्प्रभाव
अनिद्रा
सांस लेने में समस्या
डायरिया व एसिडिटी
सिर चकराना
बुखार
उल्टी
बार-बार पेशाब आना
बार-बार प्यास लगना
यदि आप ज्यादा कैफीन ले रहे हैं तो समझिए कि आप कैफीन के लती हो गए हैं और इसके बिना अब आपका रहना मुश्किल है।
कैफीन और शराब का नया मेल
ऐसे लोग जो शराब के साथ कैफीन मिलाकर पीते हैं वे सामान्य मदिरापान करने वालों की तुलना में ज्यादा उत्तेजित होते हैं और ऐसे लोग बहुत तेज व असंतुलित ड्राइविंग और हिंसक व्यवहार भी कर सकते हैं।
लत लगने के बाद कैफीन युक्त पेय न मिले तो होता है ?
सिरदर्द
उनींदापन
चिड़चिड़ापन
थकान
मांसपेशियों में दर्द
ध्यान न लगना
मितली आदि
कैफीन का विकल्प
कैफीन की बजाय सर्दी के इस मौसम में दूध, सब्जियों से बने सूप या फलों का ताजा रस पिएं। ये आपको पोषक तत्वों के साथ बढिय़ा जायका भी प्रदान करेंगे।
Published on:
23 Feb 2018 05:09 am
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