19 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानिए एलर्जिक राइनाइटिस के बारे में, साधारण जुकाम से ये है अलग

फलस्वरूप लगातार छींकें, नाक से पानी, नाक व आंख में खुजली रहना जैसे लक्षण होने लगते हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Vikas Gupta

May 03, 2019

know-about-allergic-rhinitis

फलस्वरूप लगातार छींकें, नाक से पानी, नाक व आंख में खुजली रहना जैसे लक्षण होने लगते हैं।

एलर्जिक राइनाइटिस क्या है। इसके क्या लक्षण हैं ?

यह नाक से जुड़ी एक आम समस्या है। जिसमें अतिसंवेदनशीलता के कारण कुछ कोशिकाओं के अतिसक्रिय होने पर जुकाम के रूप में नाक पर प्रभाव पड़ने लगता है। फलस्वरूप लगातार छींकें, नाक से पानी, नाक व आंख में खुजली रहना जैसे लक्षण होने लगते हैं।

कौन-कौन से कारक इस तकलीफ को बढ़ाते हैं ?
सबसे ज्यादा धूल, धुआं, सर्दी, डस्टमाइट्स और पौधों के परागकणों आदि की वजह से एलर्जी हो सकती है। इनके अलावा सॉफ्ट टॉयज, पालतू जानवर, कॉक्रोच, फंगस, दवा विशेष या किसी खाद्य सामग्री से भी एलर्जी हो सकती है।

एलर्जिक राइनाइटिस और सर्दी-जुकाम में क्या अंतर है ?
एलर्जिक राइनाइटिस, एलर्जन की वजह से होती है जबकि साधारण सर्दी-जुकाम वायरस या संक्रमण के कारण। एलर्जिक राइनाइटिस में लगातार छींके आना, आंख व नाक में खुजली और नाक से पानी आना जैसे लक्षण होते हैं। वहीं सर्दी-जुकाम में नाक से पानी आना या नाक बंद होने के अलावा बुखार भी आ सकता है।

इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं ?
अनदेखी करने पर एलर्जिक राइनाइटिस के साथ-साथ नेजल पोलिप्स, साइनस, अस्थमा और सूंघने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

एलर्जी से बचाव और उपचार क्या हैं ?
एलर्जी पैदा करने वाले उपरोक्त एलर्जन्स तत्त्वों से बचना जरूरी है। बिस्तर की चादर और तकिए के कवर को समय अंतराल पर धोते रहें। एलर्जी की समस्या हो तो घर में सफाई करते समय झाड़ू लगाने की बजाय गीले कपड़े से साफ करें। एंटीएलर्जिक दवाओं, स्टेरॉइड्स व नेजल स्प्रे आदि से इसे नियंत्रित रखा जा सकता है।

एलर्जी टैस्ट क्या है। इसे कब कराया जाता है ?
कुछ विशेष पदार्थों के प्रति शरीर की अतिसंवेदनशीलता को जानने के लिए एलर्जी टैस्ट कराया जाता है। यह दो प्रकार से होता है। प्रिक व ब्लड टैस्ट। ये टैस्ट न तो सभी के लिए जरूरी हैं और न ही हमेशा शत-प्रतिशत सटीक होते हैं। इसलिए व्यक्ति विशेष के अनुसार जरूरी होने पर ही इसे कराएं।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल