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शरीर में रेडिएशन का प्रभाव कम करता ब्रह्म रसायन, जानें इसके बारे में

आंवला, हरड़ व शंखपुष्पी के मिश्रण के अलावा इसे 60 अन्य जड़ी-बूटियों से तैयार करते हैं।

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जयपुर

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Vikas Gupta

May 26, 2019

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शरीर में रेडिएशन का प्रभाव कम करता ब्रह्म रसायन, जानें इसके बारे में

रेडिएशन के दुष्प्रभाव से होने वाले रोगों की आशंका को कम करने में सहायक ब्रह्म रसायन आयुर्वेद की उपयोगी औैषधि है। यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ाता है। आंवला, हरड़ व शंखपुष्पी के मिश्रण के अलावा इसे 60 अन्य जड़ी-बूटियों से तैयार करते हैं।

शोध : इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु व पुष्पागिरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, तिरुवल्ला के वैज्ञानिकों ने चूहों पर परीक्षण किया। इस शोध में चूहों को दो समूह में बांटकर उन पर अधिक मात्रा में रेडिएशन डाला गया। छह माह तक चली इस शोध में सामने आया कि रेडिएशन से चूहों के जेनेटिक तत्त्वों और डीएनए पर असर होने के साथ श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या कम होने लगी। चूहों का एक समूह जिन्हें ब्रह्म रसायन की खुराक दी गई थी उनमें असर कम हुआ व जितनी क्षति हुई थी उसकी भरपाई एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा बढऩे से दूसरे समूह की तुलना में जल्दी हुई।

ब्रह्म रसायन ऐसे लें -
चटनी के रूप में इसे 10 से 15 ग्राम की मात्रा में गुनगुने दूध या पानी के साथ दिन में दो बार ले सकते हैं। इसका असर 1-2 महीने लगातार लेने पर होता है। इसे डायबिटीज के मरीज न लें।

फायदे : आयुर्वेद में इस औषधि को एंटीएजिंग फॉर्मूला बताया गया है। नियमित खाने से शारीरिक व मानसिक कमजोरी दूर होती है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा बढ़ाकर थकान दूर करती है। यह कोशिकाओं के पुनर्निर्माण के साथ प्लीहा और मज्जा कोशिकाओं को फैलाती है।