
आर्थराइटिस के लक्षणों को समय पर पहचानकर विशेषज्ञ को दिखाएं ताकि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके।
आर्थराइटिस के लक्षणों को समय पर पहचानकर विशेषज्ञ को दिखाएं ताकि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके।
आर्थराइटिस क्या है और ये कितने प्रकार के हैं ?
इस बीमारी में रोगी के जोड़ों के ऊत्तक प्रभावित होते है। आर्थराइटिस कई प्रकार के हैं। सबसे आम ओस्टियोआर्थराइटिस (उम्र के साथ जोड़ों की हड्डियों में घिसाव) और रूमेटॉयड आर्थराइटिस (शरीर का इम्यून सिस्टम जोड़ों और हड्डियों पर अटैक करता है) है।
इस रोग के क्या लक्षण है ?
जोड़ों की समस्या के चलते पीड़ित दिनभर के काम भी नहीं कर पाता और सारा दिन दर्द से कराहता रहता है। रोग के बढ़ने पर मरीज को जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न और प्रभावित हिस्से में गर्मी का अहसास होता है।
इसके बढ़ते मामलों के कारण क्या हैं ?
बीमारी से सम्बंधित जानकारी की कमी व ज्यादातर आर्थराइटिस रोगी को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने की बजाए सिर्फ घरेलू उपचार अपनाना मामले को बढ़ाने की वजह है।
इलाज के क्या-क्या तरीके हैं ?
जोड़ में अत्यधिक दर्द के कारण रोजमर्रा के काम न कर पाने और जोड़ों में विकृति होने पर घुटने के प्रत्यारोपण की सलाह दी जाती है। इन दिनों आधुनिक तकनीकों में सिंगल रेडियस घुटना सबसे कारगर है जो सर्जरी के बाद रोगी को प्राकृतिक घुटने जैसा अहसास कराता है।
सर्जरी के अलावा अन्य कौनसी तकनीक हैं ?
एक्यूपंचर तकनीक में शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर अति सूक्ष्म सुइयों की मदद से दर्द को कम किया जाता है। मैग्नेटिक पल्स थैरेपी परंपरागत इलाज है जो घुटनों के दर्द में बेहद प्रभावी है। इसमें चुंबकीय तरंगों को घुटनों में पहुंचाया जाता है जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाती है।
Published on:
29 Jun 2019 02:30 pm
