9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जानिए आर्थराइटिस से जुड़ी ये खास बातें

आर्थराइटिस के लक्षणों को समय पर पहचानकर विशेषज्ञ को दिखाएं ताकि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके।
less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Vikas Gupta

Jun 29, 2019

know-these-special-things-related-to-arthritis

आर्थराइटिस के लक्षणों को समय पर पहचानकर विशेषज्ञ को दिखाएं ताकि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके।

आर्थराइटिस के लक्षणों को समय पर पहचानकर विशेषज्ञ को दिखाएं ताकि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके।

आर्थराइटिस क्या है और ये कितने प्रकार के हैं ?
इस बीमारी में रोगी के जोड़ों के ऊत्तक प्रभावित होते है। आर्थराइटिस कई प्रकार के हैं। सबसे आम ओस्टियोआर्थराइटिस (उम्र के साथ जोड़ों की हड्डियों में घिसाव) और रूमेटॉयड आर्थराइटिस (शरीर का इम्यून सिस्टम जोड़ों और हड्डियों पर अटैक करता है) है।

इस रोग के क्या लक्षण है ?
जोड़ों की समस्या के चलते पीड़ित दिनभर के काम भी नहीं कर पाता और सारा दिन दर्द से कराहता रहता है। रोग के बढ़ने पर मरीज को जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न और प्रभावित हिस्से में गर्मी का अहसास होता है।

इसके बढ़ते मामलों के कारण क्या हैं ?
बीमारी से सम्बंधित जानकारी की कमी व ज्यादातर आर्थराइटिस रोगी को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने की बजाए सिर्फ घरेलू उपचार अपनाना मामले को बढ़ाने की वजह है।

इलाज के क्या-क्या तरीके हैं ?
जोड़ में अत्यधिक दर्द के कारण रोजमर्रा के काम न कर पाने और जोड़ों में विकृति होने पर घुटने के प्रत्यारोपण की सलाह दी जाती है। इन दिनों आधुनिक तकनीकों में सिंगल रेडियस घुटना सबसे कारगर है जो सर्जरी के बाद रोगी को प्राकृतिक घुटने जैसा अहसास कराता है।

सर्जरी के अलावा अन्य कौनसी तकनीक हैं ?
एक्यूपंचर तकनीक में शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर अति सूक्ष्म सुइयों की मदद से दर्द को कम किया जाता है। मैग्नेटिक पल्स थैरेपी परंपरागत इलाज है जो घुटनों के दर्द में बेहद प्रभावी है। इसमें चुंबकीय तरंगों को घुटनों में पहुंचाया जाता है जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाती है।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल