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कार्डिएक अरेस्ट से हुआ सुषमा स्वराज का निधन, जानिए क्या आैर कैसे हाेता ये

बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ( sushma swaraj ) का कार्डिएक अरेस्ट ( cardiac arrest ) के कारण निधन,जब हार्ट के फंक्शन में अप्रत्याशित रुकावट आ जाए आैर हार्ट ठीक तरीके से धड़के ताे इसे कार्डियक अरेस्ट कहते हैं

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कार्डिएक अरेस्ट से हुआ सुषमा स्वराज का निधन, जानिए क्या आैर कैसे हाेता ये

भारत की पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ( sushma swaraj ) का कार्डिएक अरेस्ट ( cardiac arrest ) के कारण निधन हाे गया। उन्हें कार्डिएक अरेस्ट के बाद एम्स ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इससे पहले 2016 में तमिलनाडू की मुख्यमंत्री रही जयललिता का निधन भी कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुआ था। आइए जानते हैं अाखिर क्या हाेता है कार्डिएक अरेस्ट:-

क्या है कार्डियक अरेस्ट? what is cardiac arrest
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक जब हार्ट के फंक्शन में अप्रत्याशित रुकावट आ जाए आैर हार्ट ठीक तरीके से न धड़के ताे इसे कार्डियक अरेस्ट कहते हैं।इसका कारण दिल में इलेक्ट्रिकल डिसटर्बेंस से पंपिंग कार्य रुक जाना हो सकता है, जिससे बाकी शरीर में रक्त का प्रवाह रुक जाता है।इसमें चंद पलों के भीतर इंसान बेहोश हो जाता है और नब्ज भी जाती रहती है।अगर सही वक्त पर सही इलाज न मिले तो कार्डिएक अरेस्ट के कुछ सेकेंड या मिनटों में मौत हो सकती है।

कब हाेता है कार्डियक अरेस्ट ?
जब दिल के अंदर वेंट्रीकुलर फाइब्रिलेशन (ventricular fibrillation ) पैदा हो। आसान भाषा में कहें तो इसमें दिल के भीतर विभिन्न हिस्सों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान गड़बड़ हो जाता है, जिसकी वजह से दिल की धड़कन पर बुरा असर पड़ता है।जाे आगे चलकर कार्डियक अरेस्ट का रूप ले लेता है।

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इलाज ( cardiac arrest treatment )
इसके इलाज के लिए कार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (CPR) दिया जाता है। इससे हार्ट रेट नियमित किया जाता है। डिफाइब्रिलेटर के जरिए बिजली के झटके दिए जाते हैं। जिससे दिल की धड़कनों को वापस लाने में मदद मिलती है।

किसे ज्यादा खतरा ( cardiac arrest dangers )
कार्डियक अरेस्ट ( cardiac arrest ) होने की सबसे ज्यादा आशंका दिल की बीमारी वालों को होती है। जिनको पहले हार्ट अटैक आ चुका है उनमें कार्डियक अरेस्ट की आशंका बढ़ जाती है।इसके अलावा डायबिटीज, किडनी की खराबी, स्मोकिंग, खराब कोलेस्ट्राल, एक्सरसाइज न करना, हाई ब्लडप्रेशर और हाइपरटेंशन भी कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ाते हैं।

हार्ट अटैक से कैसे अलग है कार्डियक अरेस्ट ( Heart attack vs Cardiac Arrest )

ज्यादातर लोग कार्डिएक अरेस्ट ( Cardiac Arrest ) और हार्ट अटैक ( Heart Attack ) को एक ही मान लेते हैं। लेकिन ये सच नहीं है।दोनों में अंतर हाेता है। हार्ट अटैक तब आता है जब कोरोनरी आर्टिरी में थक्का जमने की वजह से दिल की मांसपेशियों तक खून जाने के रास्ते में रूकावट हाे जाती है।इसमें छाती में तेज दर्द होता है। हालांकि, कई बार लक्षण कमजाेर होते हैं, लेकिन दिल को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी साबित होते हैं।इसमें दिल शरीर के बाकी हिस्सों में खून पहुंचाना जारी रखता है और मरीज होश में रह सकता है।

लेकिन जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है, उसे कार्डिएक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।और कार्डिएक अरेस्ट में दिल तुरंत आधार पर खून पहुंचाना बंद कर देता है। यही वजह है कि इसका शिकार होने पर व्यक्ति अचानक बेहोश होता है और सांस भी बंद हो जाती है।जल्द इलाज ना मिलने पर माैत हाे जाती है।

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दिग्गजों की मौत का कारण बना कार्डियक अरेस्ट
आपको बता दें कि कार्डियक अरेस्ट ( Cardiac Arrest ) के कारण ही बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी के अलावा रीमा लागू और साउथ की एक्ट्रेस और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की भी निधन हो गया था।

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