Platelets Count: शरीर पर दिखाई दें एेसे चकत्ते तो हो जाएं सावधान

Platelets Count: शरीर पर दिखाई दें एेसे चकत्ते तो हो जाएं सावधान

Vikas Gupta | Updated: 04 Jul 2019, 01:57:25 PM (IST) डिजीज एंड कंडीशन्‍स

Platelets Count: blue spots on body: कई बार बिना किसी चोट के त्वचा पर पड़ने वाले नीले चकत्तों (blue spots on body) को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आमतौर पर व्यक्ति को केवल नीले चकत्ते के अलावा कुछ और परेशानी नहीं होती है। कुछ मामलों में मरीज को नाक, यूरिन व स्टूल से अकारण खून आना भी एक लक्षण हो सकता है। यह एक तरह का ब्लीडिंग डिसऑर्डर (Bleeding disorder) है जिसे इडियोपैथिक थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक परप्यूरा (Idiopathic thrombocytopenic peripheral) कहते हैं। कई बार डेंगू (Dengue), मलेरिया (Malaria) जैसे बुखार और वायरल इंफेक्शन (Viral infection) के बाद शरीर में प्लेटलेट की संख्या कम हो जाती है।

Platelets Count: blue spots on body: कई बार बिना किसी चोट के त्वचा पर पड़ने वाले नीले चकत्तों (blue spots on body) को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह एक तरह का ब्लीडिंग डिसऑर्डर (Bleeding disorder) है जिसे इडियोपैथिक थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक परप्यूरा (Idiopathic thrombocytopenic peripheral) कहते हैं। इसमें व्यक्ति का रोग प्रतिरोधक तंत्र (mmunity system) रक्त को थक्का (Blood clot) बनने में जरूरी प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या को कम करने लगता है। इसे इम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया परप्यूरा (Immune thrombocytopenia purpurea) बीमारी के नाम से भी जाना जाता है। जानते हैं इसके बारे में-

लक्षण : आमतौर पर व्यक्ति को केवल नीले चकत्ते के अलावा कुछ और परेशानी नहीं होती है। कुछ मामलों में मरीज को नाक, यूरिन व स्टूल से अकारण खून आना भी एक लक्षण हो सकता है।-

यह भी पढ़ें- जानें कैसे बढ़ती हैं प्लेटलेट्स

ये भी है वजह-
कई बार डेंगू (Dengue), मलेरिया (Malaria) जैसे बुखार और वायरल इंफेक्शन (Viral infection) के बाद शरीर में प्लेटलेट की संख्या कम हो जाती है। ब्लड कैंसर के मरीजों में भी ऐसा होता है। एंटीबायोटिक या दर्दनिवारक दवाओं का दुष्प्रभाव भी रक्त में गड़बड़ी कर ऐसे निशान बनाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान इम्यून सिस्टम की खराबी से ऐसे निशान पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में इसका खास ध्यान रखें।

महिलाओं में अधिक मामले -
यह परेशानी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में इसके मामले ज्यादा देखे जाते हैं। इसके अलावा ऐसे उम्रदराज लोग जो किसी रोग के इलाज के लिए दवा ले रहे हों, उनकी त्वचा पर दवाओं के दुष्प्रभाव के रूप में भी ये निशान दिखते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो इसके कई अन्य कारण भी हैं जिस वजह से ये चकत्ते होते हैं। डाइट में गाजर, टमाटर और पालक को शामिल करें।

जांच व इलाज-
विशेषज्ञ ब्लड टैस्ट कराकर वजह का पता लगाते हैं।लक्षणों के आधार पर अन्य जरूरी जांचें भी करते हैं। खून की तरह ही शरीर में प्लेटलेट्स चढ़ाकर इनकी संख्या बढ़ाई जाती है। इस दौरान त्वचा पर किसी तरह का बदलाव दिखे तो चिकित्सक से संपर्क करें।

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