
These sensors fit on the clothes and monitor the lungs and heart
कोरोना वायरस के संक्रमित रोगी के फेफड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। संक्रमण के चलते इन अंगों की कार्य क्षमता घट जाती है और ये धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि संक्रमित रोगी के ठीक होने के बाद पुन: संक्रमित होने की आशंका रहती है। ऐसे में कई बार बिना लक्षण प्रकट किए भी संक्रमण शरीर में फैल जाता है। ऐसे में अस्पताल से घर लौटे संक्रमित व्यक्ति की सेहत को पल-पल मॉनिटर करना जरूरी हो जाता है। इस काम में अब जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों का बनाया बहुत ही छोटा सेंसर महत्त्वपूर्ण उपकरण साबित हो सकता है। इसे बटन की तरह कपड़ों पर टांका जा सकता है। यह कोरोना संक्रमित व्यक्ति के ठीक हो जाने पर उसके फेफड़ों और हृदय गति पर निगरानी कर सकता है। इससे चिकित्सकों को उसके सेहत की हर पल की जानकारी मिल सकती है। यह लेडी बग कीट जितना है और किसी इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम की तरह काम करता है। यह हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करने के लिए त्वचा से जुड़ी इलेक्ट्रोड पैच को ट्रैक करते हैं जिससे फेफड़ों के काम करने की गति और दिल की धड़कनों की लय का पता चलता है। साथ ही यह रक्त प्रवाह और अन्य अंगों के स्वास्थ्य के बारे में भी महत्त्वपूर्ण जानकारी देता है। जॉर्जिया टेक स्कूल के इलेक्ट्रिकल एंड कंप्यूटर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर फारूख अयाजी ने बताया कि इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम से फेफड़ों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती लेकिन यह उपकरणयह भी कर सकता है।
अयाज़ी ने बताया कि इस सेंसर में सिलिकॉन की दो बहुत बारीक परतें हैं जो कि केवल 270 नैनोमीटर यानी लगभग मानव बालों जितनी पतली हैं। ये सिलिकॉन परतें इलेक्ट्रोड के रूप में कार्य करती हैं जो शरीर से अलग-अलग ध्वनियों और कंपन के जवाब में प्रवाह की स्थिति दर्शाती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार यह डिवाइस शरीर के बाहर से उत्पन्न होने वाली ध्वनियों को अलग करने में सक्षम है और उन्हें पठनीय इलेक्ट्रॉनिक आउटपुट में परिवर्तित कर देता है। लेकिन डिवाइस शरीर के अंदर से आने वाली आवाज़ों के लिए बहुत संवेदनशील है। यह कपड़ों के ऊपर से भी शरीर की हल्की सी हरकत, कंपन या हलचल को भी पहचान लेता है।
Published on:
26 Apr 2020 09:26 pm
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