
Zika Virus Alert News: कोरोना संक्रमण के बीच ही केरल में जीका वायरस ने भी दस्तक दे दी है। इस वायरस से संक्रमितों की संख्या अब बढ़कर 22 हो गई है। केरल के साथ ही मुंबई, दिल्ली में भी अलर्ट कर दिया गया है। जीका वायरस का अभी तक कोई सटीक इलाज मौजूद नहीं है। जीका वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इसके प्रसार को रोकना होगा। आइए जानते हैं जीका वायरस के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में ...
जीका वायरस संक्रमण का प्रसार
जीका वायरस संक्रमण एडीज मच्छरों के द्वारा फैलता है। इस प्रजाति में भी Aedes albopictus और Aedes aegypti मच्छर ही इसको फ़ैलाने का काम करते हैं। यह वायरस फ्लेविविरिडे परिवार के फ्लेवीवायरस जीन्स से ताल्लुक रखता है। इन्ही के द्वारा डेंगू वायरस, चिकनगुनिया, येलो फीवर, वेस्ट नाइल वायरस संक्रमण फैलाया जाता है। जब कोई एडीज मच्छर जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वह खुद भी संक्रमित हो जाता है। इसके बाद वह मच्छर जिस किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को काटेगा, वो भी संक्रमित हो जाएगा।
Symptoms of Zika Virus
WHO के मुताबिक, जीका वायरस संक्रमित व्यक्ति में 3 से 14 दिन के भीतर इसके लक्षण दिखने लग जाते हैं। ऐसा भी देखा गया है कि जीका वायरस के अधिकतर मामलों में लक्षण ही दिखाई नहीं देते।
हल्का बुखार
सिरदर्द
बेचैनी होना
रैशेज
आंख आना
मांसपेशी और जोड़ों में दर्द
वयस्कों में जीका वायरस संक्रमण होने पर गुलियन-बेरी सिंड्रोम, न्यूरोपैथी और मायलाइटिस जैसी तंत्रिका संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
शारीरिक संबंध से भी फ़ैल सकता है वायरस
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, जीका वायरस यौन संबंध से भी फैल सकता है। जिससे इंफेक्शन का खतरा गर्भवती महिलाओं और भ्रूण पर भी बन सकता है। इसलिए, WHO ने सलाह दी है कि जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति क्षेत्रों में यौन संबंध के दौरान कॉन्डम का इस्तेमाल करें।
संक्रमण से जन्मजात विकार का खतरा
जीका वायरस संक्रमण गर्भवती महिला से भ्रूण तक पहुंच सकता है। जिससे जन्म के समय शिशु का सिर छोटा होना व अन्य जन्मजात विकार हो सकते हैं। जिन्हें कॉन्जेनिटल जीका सिंड्रोम कहा जाता है। शिशु को आंखों में दिक्कत व सुनने में परेशानी जैसी समस्या भी हो सकती है।
Published on:
13 Jul 2021 09:20 pm

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