
कृषि कॉलेज डूंगरपुर के जमीन को लेकर मंगलवार को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) की टीम यहां पहुंची और जमीन को देखा। टीम ने सभी तथ्यों व मापदंडों के आधार पर स्थान का भौतिक सत्यापन किया। टीम ने गुमानपुरा में जिस जमीन को लेकर सहमति की बात की जा रही है उसको भी देखने के लिए पहाडिय़ां की दूरी नापी।
पहले जमीन को लेकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए इस जमीन के सभी पहलुओं, सुविधाओं से लेकर दूरियां को लेकर जानकारी ली तथा मौका देखा। टीम को गुमानपुरा वाली जमीन पहाड़ी इलाका लगने के साथ ही कम जगह होने की बात सामने आई। दूसरे भाग के रूप में थाणा की जमीन को लेकर भी समीक्षा की तो यह सामने आया कि गुमानपुरा व थाणा के बीच दूरी ज्यादा है। टीम ने अलग-अलग विषयों पर जानकारी लेते हुए मौका देखकर पूरी समीक्षा करते हुए नोटिंग की। टीम पूरी रिपोर्ट विवि के कुलपति डा. अजीत कुमार कर्नाटक को सौंपेंगी।
टीम में चेयरमैन डा. श्याम सुंदर शर्मा, आरसीए डूंगरपुर डीन डा. रामपाल मीणा, विवि एस्टेट ऑफिसर अशोक उपाध्याय व जोनल डायरेक्टर (रिसर्च) अरविंद वर्मा शामिल है। उल्लेखनीय है कि कॉलेज की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। गुमानपुरा व थाणा वाली जमीन को लेकर विवि ने आपत्ति की थी। विवि का तर्क है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मापदंडों के अनुरुप ही जमीन हो क्योंकि कॉलेज के भविष्य को लेकर अभी से ही सब चीजे बेहतर हो।
Updated on:
17 Nov 2022 11:36 am
Published on:
17 Nov 2022 11:34 am
बड़ी खबरें
View Allडूंगरपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
