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तीन पीएचसी स्वीकृत, एक पूरी, दो अधरझूल में

कैसे मिले स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
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डूंगरपुर

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sidharth shah

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Updated: 28 Jul 2018, 7:50 PM IST

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तीन पीएचसी स्वीकृत, एक पूरी, दो अधरझूल में

चीखली ब्लॉक का मामला :

चीखली(डूंगरपुर). स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकारें चुनाव से पहले घोषणाएं तो कर देती हैं, लेकिन इसके बाद धरातल पर सुविधाएं पहुंची या नहीं, इसकी सुध नहीं ली जाती। ऐसा ही कुछ चीखली ब्लॉक में स्वीकृत तीन पीएचसी के मामले में भी हुआ। पांच साल गुजरने के बाद भी अब तक सिर्फ एक ही पीएचसी बनकर तैयार हुई है। दो जगह अब तक पीएचसी की नींव तक नहीं रखी जा सकी है।

वर्ष 2013 में तत्कालीन राज्य सरकार ने चुनाव से पूर्व चीखली क्षेत्र के कोचरी, झौसावा व डूंगर में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत किए थे। सरकार बदल जाने के बाद यह घोषणा अधूरी रह गई। काफी समय बाद झोंसावा पीएचसी भवन के लिए बजट जारी हुआ तथा वर्तमान में भवन बनकर भी तैयार हो चुका है। कोचरी एवं डूंगर में पीएचसी आज भी पुराने उपस्वास्थ्य केंद्र परिसर में ही चल रही है। कोचरी के लेम्पस शंकरलाल पारगी व सरपंच ओमप्रकाश पारगी का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार कहने के बाद भी पीएचसी भवन नहीं बना है। कोचरी में पंचायत ने भूमि भी आवंटित कर दी है।

जिले में वर्तमान में 55 पीएचसी, 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। 55 पीएचसी में 31 आदर्श पीएचसी शामिल है। स्वास्थ्य केंद्रों पर 110 डॉक्टर नियुक्त है। जिले के कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अभी भी उप स्वास्थ्य केंद्र में चल रहे हैं। इनको भवन की जरूरत है, लेकिन सतत पर्यवेक्षण नहीं होने से भवन अधरझूल में है। ऐसे में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है..

स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता गिरीश दोसी का कहना है कि 98.99 लाख की लागत से झोंसावा पीएचसी भवन निर्माणाधीन है। डूंगर व कोचरी में भूमि नहीं होने से निर्माण कार्य नहीं हुआ है। डूंगर के लिए सरंपच से बात हुई है। भूमि मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।