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सावधान! अगर आपकी गाड़ी गुजरात पासिंग है तो देना होगा राजस्थान का टेक्स

डूंगरपुर.सावधान! अगर आप राजस्थान के मूल निवासी है, लेकिन आपका वाहन गुजरात पासिंग है तो आपको राजस्थान राज्य का वन टाइम टेक्स चुकाना होगा। यह राशि भी गाड़ी की कीमत के मुताबिक 50 हजार से 3 लाख रुपए तक हो सकती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति को लेकर परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों से टेक्स वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।

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सावधान! अगर आपकी गाड़ी गुजरात पासिंग है तो देना होगा राजस्थान का टेक्स

सावधान! अगर आपकी गाड़ी गुजरात पासिंग है तो देना होगा राजस्थान का टेक्स

सावधान! अगर आपकी गाड़ी गुजरात पासिंग है तो देना होगा राजस्थान का टेक्स
- डूंगरपुर में 700 से ज्यादा निजी वाहन गुजरात से हैं पंजीकृत
- कर कम होने से लोग गुजरात से खरीदते हैं वाहन
- परिवहन विभाग ने की सख्ती
डूंगरपुर.
सावधान! अगर आप राजस्थान के मूल निवासी है, लेकिन आपका वाहन गुजरात पासिंग है तो आपको राजस्थान राज्य का वन टाइम टेक्स चुकाना होगा। यह राशि भी गाड़ी की कीमत के मुताबिक 50 हजार से 3 लाख रुपए तक हो सकती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति को लेकर परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों से टेक्स वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
यह है प्रावधान
राजस्थान सरकार की ओर से वर्ष 1997 में अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद समय-समय पर इससे जुड़े आदेश भी जारी हुए। इसके मुताबिक यदि कोई राजस्थान का मूल निवासी राज्य से वाहन वाहन खरीदता है या पंजीयन कराता है और वह वाहन 30 दिन राजस्थान में रहता है तो उस पर राजस्थान राज्य का कर जमा कराना अनिवार्य होगा।
कर बचाने खरीदते हैं गुजरात से
जिला परिवहन अधिकारी एन.एन.शाह ने बताया कि डूंगरपुर जिले में संचालित ऐसे हल्के मोटर वाहन करीब 700 संचालित है जिनके वाहन स्वामी मूलत: राजस्थान के निवासी है और उनके निजी वाहन गुजरात राज्य में पंजीकृत करवा रखे हैं। शाह ने बताया कि राजस्थान राज्य में निजी वाहन के लिए देय एकबारीय कर की दर करीब 12 प्रतिशत है और गुजरात में 6 प्रतिशत ही है। इस वजह से कई लोग वाहन गुजरात से खरीदते हैं लेकिन उसका उपयोग राजस्थान में करते हैं। वहीं कुछ लोगों ने तो वाहन भी राजस्थान से खरीदे हैं, लेकिन पंजीयन गुजरात से करा रखे हैं।
सघन जांच अभियान
शाह ने बताया कि विभागीय निरीक्षकों ने सघन चैकिंग कर जनवरी में 32 और फरवरी में 28 वाहनों को सीज कर 9 लाख रुपए से अधिक राजस्व कर के रूप प्राप्त किया है। मार्च माह में भी अभियान जारी रहेगा। शाह ने सभी जनप्रतिनिधि सांसद एवं विधायक को भी इस राजस्व चोरी को रोकने में सहायता की अपील की है।