
Dungarpur Rustic Vnitaan become engineers
आदिवासी बहुल डूंगरपुर की ग्राम्य वनिताएं जल्द ही मंझे हुए इंजीनियर की तरह सोलर लेम्प का पैनल बनाएंगी। जिला प्रशासन की पहल पर आईआईटी मुंबई डूंगरपुर में सोलर लेम्प पैनल की यूनिट लगाएगी। अपनी तरह की यह देश की पहली यूनिट होगी, जिसमें आईआईटी की तकनीकी दक्षता का लाभ लेते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाएं काम करेंगी। उत्पादन के विक्रेन्दीकरण का भी यह संभवतया पहला उदाहरण होगा। आईआईटी ने लेम्प एसेंबलिंग तो कई जगह कराई, लेकिन पैनल बनाने का काम पहली बार आईआईटी से बाहर होगा।
खाली स्कूल परिसर बनेगा फैक्ट्री यूनिट के लिए जिला प्रशासन ने न्यू कॉलोनी स्थित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय के खाली परिसर को चुना है। एकीकरण में यह विद्यालय मर्ज हो चुका है तथा परिसर अनुपयोगी है। आईआईटी की टीम ने साइट विजिट भी कर ली है। जल्द ही परिसर में यूनिट की जरूरतों के हिसाब से छोटे-बड़े निर्माण भी शुरू हो जाएंगे।
महिलाएं ही चलाएंगी
यूनिट की विशेषता यह रहेगी कि इसे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही चलाएंगी। तकनीकी सहयोग आईआईटी का रहेगा। इसके लिए वित्तीय प्रबंधन की कोई समस्या नहीं है। एसेम्बलिंग यूनिट से हुई आय में से करीब 29 लाख रुपए का बजट उपलब्ध हैं, वहीं आजीविका मिशन और सरकार की ओर से सकारात्मक सहयोग मिलेगा।
एसेम्बलिंग में मिली थी सफलता
कौशल विकास एवं आजीविका मिशन के तहत तत्कालीन कलक्टर इंद्रजीतसिंह की पहल पर दो वर्ष पूर्व जिले में सोलर लेम्प एसेम्बलिंग की कवायद शुरू हुई थी। इसमें आईआईटी की मदद से कलस्टर स्तर पर सोलर लेम्प के पार्ट्स को एसेम्बल कर लेम्प तैयार किए जाते थे। इस नवाचार की प्रदेशभर में सराहना भी हुई। मुख्यमंत्री ने भी इन कामों का अवलोकन किया था।
रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
&पैनल यूनिट खुलने से कईलोगों को रोजगार मिलेगा। डूंगरपुर में बनने वाले पैनल की अन्य एसेम्बलिंग यूनिट में आपूर्ति होने से आय भी होगी। स्थानीय स्तर पर भी लेम्प का विक्रय केंद्र खुलेगा। निश्चित रूप से स्वयं रोजगार की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा।
सुरेंद्र कुमार सोलंकी, जिला कलक्टर, डूंगरपुर
Published on:
31 Jan 2017 03:04 pm
बड़ी खबरें
View Allफिरोजाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
